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Bijnor News: नगीना के हस्तशिल्प उद्योग को संवारने की मांग, डीएम को सौंपा पत्र

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नगीना। नगीना के हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) उद्योग को बढ़ावा देने और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर नगीना वुड हैंडीक्राफ्ट्स एसोसिएशन के महासचिव खुर्शीद अहमद कुरैशी ने जिलाधिकारी को मांग पत्र दिया है। पत्र के माध्यम से चार प्रमुख समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
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पत्र में कहा गया है कि नगीना में काष्ठ कला उद्योग से निर्मित सामान का बड़ी मात्रा में विदेश में निर्यात होता है। यहां के उद्यमियों को देश-विदेश के बाजारों में प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। ऐसे में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बिजली की दरों में उसी तरह छूट देने की मांग की गई है, जिस प्रकार किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए बिजली बिल में छूट दी जाती है। इससे काष्ठ कला उद्योग की उत्पादन लागत कम होने और निर्यात बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। कपड़ा उद्योग के लिए आवंटित नगीना सहकारी कताई मिल की जमीन पर काष्ठ कला उद्योग की इकाइयों को भी स्थान देने की मांग की गई। साथ ही काष्ठ कला उद्योग के लिए कुछ भूमि सुरक्षित रखते हुए स्थानीय काष्ठ कला उद्यमियों को भी इसमें शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है।
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कॉमन फैसिलिटी सेंटर का लाभ दिलाने की मांग

काष्ठ कला उद्यमी खुर्शीद कुरैशी ने नगीना में सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर स्थापित किए गए कॉमन फैसिलिटी सेंटर की मशीनों का लाभ स्थानीय उद्यमियों को दिलाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि मशीनों से कम लागत पर उत्पादन संभव है, लेकिन अभी तक इसका संचालन शुरू नहीं होने से इसका अपेक्षित लाभ उद्यमियों को नहीं मिल पा रहा है। पत्र के माध्यम से सेंटर की मशीनों को जल्द चालू कराकर काष्ठ कला उद्योग को इसका लाभ दिलाने की मांग की है।
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टोल टैक्स से राहत की भी उठी आवाज
नगीना-बिजनौर रोड पर कोतवाली और बिजनौर रोड के बीच टोल शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों और आम लोगों को होने वाली परेशानी का भी पत्र में उल्लेख किया गया है। कहा गया कि नगीना से बिजनौर का आवागमन व्यापार, सरकारी काम, न्यायालय और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में लोगों को करना पड़ता है। ऐसे में बार-बार टोल टैक्स देना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। पत्र में स्थानीय लोगों को टोल शुल्क से राहत देने की मांग की गई है।
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