जेल में बंद शिवानी पुत्र के वियोग में तड़प रही है। उसे जीवनसाथी की हत्या का तो कोई मलाल नहीं है लेकिन रोते हुए बार-बार जेल अधिकारियों से छह माह के बेटे से मिलाने की गुहार लगा रही है। भरपेट भोजन नहीं करने और भरपूर नींद की नहीं लेने से उसकी तबीयत भी खराब है। उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुकरंदपुर गांव निवासी रेलकर्मी दीपक कुमार नजीबाबाद के आदर्शनगर में किराए पर पत्नी शिवानी संग रहता था। शुक्रवार को शिवानी ने अपने पति दीपक कुमार की गला घोंट कर हत्या कर दी थी। अब शिवानी जेल में बंद है, जबकि छह माह का बेटा अपनी दादी के पास है।
जेल में बंद शिवानी अब बेटे को याद कर रही है। जेल सूत्रों ने बताया कि वह बार बार रोते हुए अपने बेटे से मिलवाने की बात करती है। उसे कहा गया कि उसने ऐसा काम ही क्यों किया तो इस पर कहती है कि उसका पति उसे मारता पीटता था। एक महीना पहले भी मारपीट के चलते मायके चली गई थी, मगर वह उसे ले आया था। उसे पति की हत्या का कोई अफसोस नहीं है।
बिगड़ रही तबीयत तो इलाज किया चालू
नींद पूरी नहीं लेने के कारण शिवानी को चक्कर आने के साथ ऑपरेशन वाले टांकों में भी दर्द की शिकायत है। उसका जेल में ही इलाज शुरू किया गया है। चिकित्सक यह भी प्रयास कर रहे हैं कि उसे ठीक से नींद आने लगे।
मायके वालों ने भी बना ली दूरी
पति की हत्या करने के बाद ससुराल वालों की दुश्मन बनी शिवानी का मायके वालों ने भी साथ छोड़ दिया है। बताया गया कि चार दिनों से जेल में बंद होने के बाद भी उसके माता पिता या भाई मुलाकात करने नहीं आए। हालांकि मायके पक्ष का एक रिश्तेदार कपड़े आदि जेल में पहुंचा आया था। उससे शिवानी ने कहा था कि उसके पिता से भी मुलाकात करवा दो।