बिजनौर में डीसीओ यशपाल सिंह से वार्ता करते राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के किसान।
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20 तक मिल न चलने पर मोर्चा खोलने का एलान
बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने डीसीओ यशपाल सिंह से मिलकर ऑनलाइन घोषणापत्र भरने के नाम पर किसानों के शोषण का आरोप लगाया। चीनी मिलों को हर हाल में 20 अक्तूबर तक चलाने की मांग की। ऐसा न होने पर मिलों के खिलाफ मोर्चा खोलने का एलान किया।
संगठन के वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा ने बताया कि ऑनलाइन घोषणापत्र भरने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद भी मिल व समिति कर्मचारी गांवों में जाकर मुनादी करा रहे हैं और किसानों से खसरा खतौनी के अलावा 100-100 रुपये भी ले रहे हैं। कहा कि जन सुविधा केंद्र संचालक भी किसानों का घोषणापत्र भरवाने के बदले 100 रुपये ले रहे हैं।
जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि हर हाल में जिले की सभी चीनी मिल 20 अक्तूबर तक चलनी चाहिए। मिलों से पांच अक्तूबर तक पेराई शुरू करने की तारीख ली जाए। कहा कि जो मिल 20 अक्तूबर तक नहीं चलेगी उसके खिलाफ संगठन मोर्चा खोलकर धरना-प्रदर्शन किया। पेराई शुरू होने से पहले सभी चीनी मिलों का शत प्रतिशत भुगतान कराने की मांग की गई।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि समितियों पर लग रहे किसान मेलों में ऑनलाइन घोषणापत्र नि:शुल्क भरे जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा जन सुविधा केंद्रों पर ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने के लिए 30 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। जो लोग किसान से अधिक शुल्क ले रहे हैं या समिति पर शुल्क ले रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिकायत मिली है कि कुछ जन सुविधा केंद्र 100 रुपये तक शुल्क ले रहे हैं। ऐसे जन सुविधा केंद्र संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि ऑनलाइन घोषणा पत्र में खसरा खतौनी देने की कोई अनिवार्यता नहीं है। जिन किसानों ने पहले खसरा खतौनी नहीं दी है या जिन्होंने अपनी जमीन बेची या खरीदी है उन किसानों को ही खसरा खतौनी दर्ज करानी है। इस दौरान राजपाल भगत, अंकुर चौधरी, भीम सिंह, संजीव प्रधान, राजेश कुमार, उपेंद्र राठी, अमर सिंह आदि मौजूद रहे।