मोरना। मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू ने कहा कि भय मनुष्य को भीतर से अशक्त कर देता है। नींद, भूख और प्रतिकार शक्ति सब छिन जाती है, जिससे रोग हावी हो जाते हैं। इसके विपरीत, राजा परीक्षित का चरित्र हमें सिखाता है कि जब व्यक्ति मृत्यु को भी परमात्मा का रूप मान ले, तब भय स्वतः समाप्त हो जाता है। संसार में तीन चीजें अत्यंत दुर्लभ हैं, मनुष्य जन्म, मोक्ष और किसी सद्गुरु का सान्निध्य।
राम कथा समिति की ओर से शुकतीर्थ के शुकदेव आश्रम में आयोजित कथा में कहा कि परीक्षित मृत्यु से भयभीत नहीं, बल्कि उसे कृष्ण के रूप में स्वीकार करने के लिए तत्पर थे, यही सच्ची निर्भयता है। किसी संत का आश्वासन व्यक्ति के आधे कष्ट हर लेता है और उनका स्पर्श पीड़ा को शांत कर देता है। उन्होंने कहा कि जो निष्कपट होकर परमात्मा की शरण में जाता है, वही सच्चे अर्थों में अभय हो सकता है। जिसका स्वभाव सरल है, वही महापुरुष है, जिसने साधु का हाथ पकड़ लिया, वह बेहतर हो गया। जो निष्कपट होता है, वह अभय रहता है। गुरु का हाथ जिसने पकड़ा, वह अभय हो गया। लोगों की सेवा आपको बलवान बनाती है।
भागवत कथा जीव को भय मुक्त करती है। भगवान कृपा जब होगी तो संसार में कोई पराजित नहीं कर सकता। राष्ट्र के निर्माण में चरित्र की अहम भूमिका होती है। उसके व्यक्तित्व को दुनिया पराजित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि मोक्ष पाना है तो भक्ति करें। श्री रामचरितमानस कथा कहना बहुत कठिन है। अखिल ब्रह्मांड में सिर्फ राम एक है। रामायण का एक-एक अक्षर पाप से मुक्ति प्रदान करता है।
कथा में भगवान शिव-पार्वती विवाह और श्रीराम जन्म के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन भी किया गया। यज्ञमान चेतन भाई और स्वजनों ने व्यासपीठ पूजन किया।
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श्रद्धालुओं के बीच बापू ने पाया भोग प्रसाद
मोरना। मानस शुकतीर्थ में चौथे दिन का कथा सत्र पूरा कर जैसे ही बापू कुटिया की ओर बढ़े, वैसे ही गाड़ी से उतरे और प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालुओं के बीच पहुंच गए। उन्होंने स्वयं भोग प्रसाद पाया। कथा स्थल पर निशुल्क नाश्ते, भोजन की व्यवस्था राम कथा समिति ने रखी हुई है। मेडिकल कैंप भी लगाया गया है। संवाद
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हरे कृष्णा हरे राम गाते हुए बंगाल में कर दिया काम : मोरारी बापू
- बंगाल के चुनाव नतीजों पर मानस मर्मज्ञ की कथा के दौरान प्रतिक्रिया
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मुजफ्फरनगर। मोरारी बापू ने कहा कि अच्छाई के देश में सनातन की जड़ें मजबूत हों, ऐसी घटनाएं घट रही हैं, यह स्वागत योग्य है। हरे कृष्णा हरे कृष्णा, हरे राम हरे राम गाते हुए इस्कॉन वाले बंगाल में मत देने गए थे और काम कर दिया। मुझे राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। ममताजी आएं कि समताजी आएं लेकिन सनातन धर्म की कभी निंदा नहीं होनी चाहिए।
राम कथा के दौरान उन्होंने सनातन का जिक्र करते हुए बंगाल चुनाव का जिक्र भी छेड़ा। साथ ही यह भी कहा कि हमें क्या लेना-देना, मेरे पास कोई न्यास नहीं है, मेरे पास व्यास है। रामायण के पात्रों के प्रति द्वेष कितना चला। हनुमान जी के बारे में भी कुछ बातें अमुक राज्यों में हुईं, वहां भी कुछ अच्छा समाचार मिल रहा है।
वेदों में यज्ञ के दौरान हिंसा की बात नहीं है। महाभारत भी गवाह है कि यज्ञ में हिंसा नहीं होनी चाहिए। सनातन ग्रंथों को कलुषित करने के लिए तथाकथित लोगों को प्रलोभन देकर कुछ प्रसंग डाल दिए गए। आज भी कुछ लोग करते हैं।