संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। सिंचाई विभाग की ओर से गांगन नदी में अचानक अप्रत्याशित पानी छोड़ने के कारण करीब तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में खड़ी गन्ने और धान की फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग से नुकसान की क्षतिपूर्ति कराने की मांग की है।
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि अभी पिछले दिनों आई बाढ़ से हुए नुकसान से उबर नहीं पाए थे कि अब सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बगैर वजह से उन्हें परेशानी में डाल दिया। भाकियू के पूर्व तहसील अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह, महेंद्र पाल सिंह, डॉ. अनुज का कहना है कि उनके द्वारा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इन दिनों फसलों को पानी की आवश्यकता नहीं है फिर भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नदी में पानी छोड़ दिया। जिसके कारण यह पानी किसानों के गन्ने और धान की फसलों को नुकसान दे रहा है। खेतों में कई-कई फीट पानी खड़ा है।
नुकसान की भरपाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। उधर, धामपुर चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक ओमवीर सिंह ने बताया कि गन्ना विभाग की टीम ने क्षेत्र का भ्रमण किया। जिससे पता लगा कि लगभग 5000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में खड़ी धान और गन्ने की फसल जलमग्न है। अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के अधिशासी अभियंता अवधेश शर्मा का कहना है कि उनके स्तर से नदी में पानी नहीं छोड़ा।