संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। फार्मासिस्ट के कंधों पर सिर्फ दवाई देने की ही जिम्मेदारी नहीं है। बल्कि, उन्होंने कई एडिशनल पीएचसी पर दस्तावेज पूरे करने से लेकर मरीज को बीमारी के हिसाब से दवाई देने की कमान संभाल रखी है। जी हां, जिले में जिन एडिशनल पीएचसी पर डॉक्टरों की कमी है। वहां फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
जनपद में 45 एडिशनल पीएचसी संचालित है। इसके अलावा 11 सीएचसी, 11 पीएचसी भी बनी हुई हैं। जहां, डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इन सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 82 फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। कई एडिशनल पीएचसी पर डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। इन जगह फार्मासिस्ट की देखरेख में ही काम हो रहा है। नियम है कि फार्मासिस्ट डॉक्टर के परामर्श के बिना भी कुछ दवाई दे सकते हैं। ऐसे में फार्मासिस्ट अपने कर्तव्यों का पूरा निर्वहन कर रहे हैं।मेडिकल अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर के साथ फार्मासिस्टों ने भी कोरोना कल में अहम जिम्मेदारी निभाई थी।