बिजनौर में स्टेडियम में खिलाड़ी वंश की मौत को खेल निदेशालय ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में खेल निदेशालय की टीम द्वारा जांच की जाएगी। स्टेडियम में प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि फुटबॉल का गोल पोस्ट नियम के विपरीत बना था और पिछले 22 साल से स्टेडियम में ऐसे ही रखा था। इस दौरान तैनात रहे किसी भी अधिकारी व कर्मचारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब इन अधिकारियों की गर्दन इस मामले की जांच में फंस सकती है।
शुक्रवार को स्टेडियम में दौड़ लगाते समय फुटबॉल गोल पोस्ट सिर पर गिरने से घायल हुए खिलाड़ी वंश की मौत हो गई थी। इस घटना से आक्रोशित खिलाड़ियों ने वंश का शव स्टेडियम के बाहर नेशनल हाईवे पर रखकर जमकर हंगामा किया था। इस मामले की गूंज खेल निदेशालय तक पहुंच गई है। स्टेडियम में एक युवा खिलाड़ी की मौत ऐसे लापरवाही से होने को बड़ा हादसा माना गया है। खेल निदेशालय की समिति द्वारा इस मामले की जांच करने की बात कही जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि यह गोल पोस्ट इसी तरह 22 साल से मैदान के ऊपर रखा था, जबकि नियम के अनुसार यह धरती में गड़ा होता है। 22 साल पहले किस अधिकारी व कोच के निर्देशन में यह तैयार किया गया ।उनके खिलाफ कार्रवाई होने की बात कही जा रही है। इसके अलावा इतने साल से जो भी क्रीड़ा अधिकारी तैनात रहे, उनके खिलाफ भी लापरवाही का मामला बन सकता है। वहीं इस मामले में जिला खेलकूद प्रोत्साहन समिति द्वारा वंश के परिजनों को पांच लाख रुपये का चेक जारी किया जा रहा है।
इस संबंध में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी विजय कुमार के अनुसार वंश की मौत दुखद है। इस मामले में एक दो दिन में निदेशालय की टीम जांच के लिए आ सकती है। किसकी लापरवाही से यह गोल पोस्ट 22 साल से स्टेडियम में नियम विरुद्ध रखा रहा इसकी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
शनिवार को स्टेडियम के प्रवेश पर रहा प्रतिबंध
शुक्रवार को कबड्डी खिलाड़ी वंश कुमार की मौत के बाद से नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। शनिवार को किसी भी खिलाड़ी या प्रैक्टिसनर्श को स्टेडियम में नहीं घुसने दिया गया। यह कार्य करने के लिए स्टेडियम के मुख्य द्वार पर वरिष्ठ लिपिक पूरन सिंह स्वयं ही गेट मोर्चा संभाले रहे। घटना के कारणों से कोई छेड़छाड़ न हो इस वजह से किसी को भी स्टेडियम में जाने की अनुमति नहीं दी गई। शुक्रवार को प्रेक्टिस करने आये खिलाड़ी वंश कुमार के ऊपर फुटबॉल का गोल पोस्ट गिरने से उसकी मौत हो गई थी। इससे गुस्साए वंश के परिजनों और साथी खिलाड़ियों ने शव को स्टेडियम के बाहर रखकर मेरठ-पौड़ी हाइवे जाम कर दिया था। बाद में जिला खेलकूद प्रोत्साहन समिति की ओर से परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा डीएम ने लिखित रूप से की थी। इसे एसडीएम सदर वी.के. सिंह और सीओ सिटी गजेंद्रपाल सिंह ने हाइवे पर जाम लगा रहे परिजनों तथा खिलाड़ियों के सामने घोषणा की थी। तब कहीं जाकर शव उठाकर पीएम के लिए भेजा गया था।
आरजेपी कॉलेज में हुई शोकसभा
आरजेपी इंटर कॉलेज में हुई शोक सभा में स्कूल के छात्र वंश की स्टेडियम में हुई मौत पर दुख जताया गया। उसकी आत्मा शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया गया। शनिवार को स्कूल का परीक्षा परिणाम घोषित होना था, जो रद्द कर दिया गया। अब परीक्षा परिणाम एक अप्रैल को घोषित होगा।
सिर की चोट बनी मौत की वजह
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार वंश की मौत सिर में चोट लगने के कारण हुई है। हालांकि उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट लगने की पुष्टि हुई, लेकिन मौत का मुख्य कारण सिर की चोट को ही बताया गया है।