शामली। दो मिनट में आता हूं कहकर विवाह स्थल से निकले विवेक मलिक उर्फ विक्की सदा के लिए दुनिया को अलविदा कह गए। कुछ ही पलों बाद चारों ओर गोलियों की आवाज गूंजने लगी। इस बीच बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। यह कहना है बहावड़ी गांव की पूर्व प्रधान बबली का, जिनके पति की दोघट कस्बे में शादी समारोह के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई।
बबली ने बताया कि वह अपने पति विवेक मलिक और अन्य परिजनों के साथ मंगलवार को दोपहर बाद दोघट पहुंचे थे। रात करीब एक बजे घुड़चढ़ी की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान विवेक ने कहा कि वह दो मिनट में शौच करके आ रहे हैं और विवाह स्थल से बाहर चले गए। जैसे ही वह कार के पीछे शौच के लिए गए, तभी घात लगाए बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
उन्होंने बताया कि अचानक गोलियों की आवाज सुनकर वे बाहर दौड़ीं तो देखा कि विवेक गिर रहे थे और छह से सात युवक मौके से भाग रहे थे। लोगों ने साहस दिखाते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि अन्य फरार हो गए। बदमाश सर्दियों के गर्म कपड़ों में थे। गोली लगने से विवेक की मौके पर ही मौत हो गई।
बबली ने कहा कि विपक्षियों ने उन्हें जीवन भर का दर्द दे दिया। उन्हें लगा था कि दोनों परिवारों के बीच अब कोई रंजिश नहीं रही, लेकिन आरोपियों ने यह वारदात कर दी। उन्होंने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
मेरी भी हत्या की साजिश थी
बबली का कहना है कि आरोपियों ने पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। यदि वह भी विवाह स्थल के बाहर होतीं तो आरोपी उनकी भी हत्या कर देते।
चचेरे भाई ने भागकर बचाई जान
मृतक के चचेरे भाई विपिन देशवाल ने बताया कि वह घटना के समय विवेक के पास ही खड़ा था। छह से अधिक बदमाश आए और विवेक पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने उस पर भी कई गोलियां चलाईं। किसी तरह भागकर उसने अपनी जान बचाई। बाद में लोगों की मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया गया। कहा कि प्रधानी चुनाव के रंजिश में ही भाई की हत्या की गई है।
दोबारा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं बबली
बबली ने बताया कि वह दोबारा गांव में प्रधान पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं। इसके लिए उन्होंने और उनके पति विवेक मलिक ने गांव में पोस्टर भी लगवाए थे, जिनमें नववर्ष, मकर संक्रांति और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी गई थीं। पोस्टर पर बबली के साथ विवेक की भी फोटो लगी थी।
कई दिन से रच रहे थे साजिश
परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने कई दिन पहले ही हत्या की योजना बना ली थी और गांव के आसपास डेरा डाले हुए थे। हालांकि परिवार को इसकी भनक नहीं लग सकी।
हिस्ट्रीशीटर था विवेक
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार विवेक मलिक के खिलाफ थाने में हिस्ट्रीशीट खुली हुई थी और उस पर तीन हत्या के मामले दर्ज थे।
जेल से बाहर आते ही फिर शुरू हुआ खूनी खेल
शामली। मृतक विवेक मलिक उर्फ विक्की दिसंबर 2024 में ही जेल से जमानत पर बाहर आए थे और गांव में आगामी ग्राम प्रधान चुनाव की तैयारी में जुटे हुए थे। उनकी पत्नी बबली पहले भी ग्राम प्रधान रह चुकी हैं। बताया जाता है कि विवेक गांव में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में लगे थे। परिजनों के अनुसार विवेक के दोनों बेटे सागर और सौरभ इस समय जेल में बंद हैं।
पुलिस प्रशासन अलर्ट, गांव में बढ़ाई सुरक्षा
घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। बहावड़ी गांव में किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि फरार साथियों और इस हत्याकांड के पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सके।
गांव में किया अंतिम संस्कार
शामली। देर शाम मृतक विवेक का शव बहावड़ी गांव पहुंचा। गांव के शमशान घाट पर गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए। मृतक की मौत से परिजन गहरे सदमे में थे और रो-रोककर बुरा हाल था। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में जुटे हुए थे। मृतक की पत्नी बबली बार-बार बेहोश होती रहीं। मोहल्ले के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में लगे हुए थे।