चौसाना/बिडौली। क्षेत्र के गांवों में इन दिनों बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा बंदरों को पकड़ने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया है, जिससे ग्रामीणों में रोष है। बंदरों के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं और लोग भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
झिंझाना क्षेत्र के ग्राम म्यान कस्बा निवासी सोनू की पत्नी सविता अपने घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। इसी दौरान अचानक बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों से बचने के लिए सविता इधर-उधर भागने लगीं। इसी दौरान एक बंदर उनके कंधे पर चढ़ गया और घबराहट में संतुलन बिगड़ने से वह छत से नीचे गिर गईं।
छत से गिरने के कारण उनके सिर, हाथ और सीने में चोटें आईं। परिजनों ने उन्हें तुरंत करनाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
ग्रामीण बृजपाल, विनोद, जनर, प्रेम, सुभाष और हाथी का कहना है कि गांव में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और वे अब पहले से अधिक आक्रामक हो गए हैं। कई लोगों को बंदरों ने काट भी दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से जल्द निजात दिलाने की मांग की है।