यूं तो बातचीत कर आपसी मनमुटाव को कम किया जा सकता था, लेकिन रिश्तों में खटास हत्या के मोड़ तक पहुंच रही है। भले ही कारण कुछ भी हो लेकिन रिश्तों की नींव तेजी से दरक रही है। अपने ही अपनों के खून के प्यासे हो गए हैं। सिर्फ नौ दिन में ही तीन हत्या ऐसी हुईं, जिनमें रिश्तों का कत्ल किया गया। दो मामलों में बड़े भाइयों ने छोटे भाइयों को मार डाला। अब शुक्रवार को विवाहिता की हत्या पति ने ही कर दी।