सरकारी भूमि पर हो रहा निर्माण रुकवाया
बढ़ापुर। नगर पंचायत द्वारा स्थानीय बस स्टैंड के समीप स्थित ग्राम समाज की भूमि को दूसरे राज्य के एक व्यक्ति को 30 साल के लिए किराए पर दे दी गई है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम नगीना ने भूमि पर किराएदार द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया और नगर पंचायत से भूमि संबंधी ब्योरा तलब किया है।
बढ़ापुर नगीना मार्ग पर बस स्टैंड के समीप राजस्व रिकॉर्ड में श्रेणी 5 (1) के तहत दर्ज ग्राम समाज की खसरा नंबर 52/4 रकबई 0.139 हेक्टेयर आराजी है। इसका पट्टा वर्ष 1998 में निरस्त हो गया था, लेकिन पट्टेदार उक्त आराजी में खेती कर रहे थे। नगर पंचायत सदस्य नगमा आरिफ ने एसडीएम नगीना को दिए शिकायतीपत्र में आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष आबिद अंसारी व अधिशासी अधिकारी सेवाराम राजभर ने इस आराजी को 21 फरवरी को जनपद पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड) निवासी संदीप नेगी को 30 साल के लिए 85 हजार रुपये सालाना किराए पर दे दिया और एक किरायानामा भी रजिस्टर्ड कराया। बताते हैं कि किराएदार को इस जमीन को अपनी इच्छानुसार उपयोग में लाने व उसमें निर्माण करने के पूर्ण अधिकार दिए गए हैं। इस संबंध में 18 फरवरी को नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष शराफत हुसैन ने भी इस मामले में पारदर्शिता न होने व नियमों का पालन न करने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। एसडीएम नगीना घनश्याम वर्मा ने मौके पर जाकर किराएदार द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया। इस मामले की जांच पूर्ण होने तक भूमि पर कोई निर्माण कार्य नहीं करने की चेतावनी दी। एसडीएम ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर संबंधित रिकॉर्ड भी तलब किया।
फर्जी दस्तावेज का सहारा लेने का लगाया आरोप
बढ़ापुर। शिकायतकर्ता शराफत हुसैन व नगमा आरिफ का आरोप है कि उक्त आराजी के संबंध में नीलामी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और फर्जी दस्तावेज का सहारा लिया गया है जो गंभीर जांच का विषय है।
कोई अनियमितता नहीं बरती गई: ईओ
ईओ सेवाराम राजभर का कहना है कि संपत्ति रजिस्टर में उक्त आराजी नगर पंचायत में निहित है। नगर पंचायत की अतिरिक्त आय प्राप्ति के लिए यह भूमि किराए पर दी गई है। ईओ ने दावा किया कि इस कार्य में नगर पंचायत द्वारा कोई अनियमितता नहीं बरती गई है।