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Bijnor News: फोरलेन पर वन्य जीव गलियारों का निर्माण कार्य रुका

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नजीबाबाद। काशीपुर-हरिद्वार फोरलेन मार्ग पर वन्य जीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए बनाए जा रहे वन्य जीव गलियारों का काम मिट्टी नहीं मिलने से रुका हुआ है। हाईवे अथॉरिटी को ढाई लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी की जरूरत है। मिट्टी उपलब्ध पर वन्य जीव गलियारों का शेष निर्माण कार्य पूरा होगा।
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काशीपुर- हरिद्वार फोरलेन मार्ग नजीबाबाद से होकर गुजरता है। नजीबाबाद से करीब 25 किलोमीटर की दूरी तय करते ही उत्तराखंड के गेंडीखाता, चिड़ियापुर, हरिद्वार का वन्य जीव बाहुल्य क्षेत्र शुरू होता है। वन इलाके में हाथी और अन्य जीवों की आवाजाही के लिए फोरलेन हाईवे पर सात अंडरपास बनाए जाने हैं, जिनमें चार एलिफेंट अंडरपास हैं।
हाईवे अथॉरिटी ने वन्य जीव गलियारों के स्ट्रक्चर बनाने के साथ करीब 75 फीसदी काम पूरा कर लिया है। नजीबाबाद और हरिद्वार के बीच चार वन्य जीव गलियारे बनाए जा रहे हैं। चिड़ियापुर रेंज और अंजनी चौक (तिरछा पुल) क्षेत्र में एक-एक वन्य जीव गलियारे और रसियाबड़ रेंज में दो वन्य जीव गलियारे बनाए जा रहे हैं। चंडीचौक हरिद्वार से नजीबाबाद दिशा में किलोमीटर चार पर स्थित अंजनी चौक (तिरछा पुल) क्षेत्र में एक वन्य जीव गलियारा और रसियाबड़ रेंज के दो वन्य जीव गलियारे बनाने का काम लगभग 80 से 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
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उधर चिड़ियापुर क्षेत्र में किलोमीटर 26 से 27 तक वन्य जीवों के आवागमन लिए बनाए जा रहे वन्य जीव गलियारे अंडरपास का स्ट्रक्चर भी एनएचएआई ने तैयार कर लिया है। सभी वन्य जीव गलियारों का काम मिट्टी उपलब्ध न होने से रुका हुआ है। एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर अमित शर्मा ने बताया कि वन्य जीव गलियारों के अंतिम दौर के निर्माण काम के लिए करीब ढाई लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी की जरूरत है। मिट्टी के लिए प्रशासन से अनुमति ली जा रही है।
अमित शर्मा ने बताया कि मिट्टी मिलते ही करीब तीन माह के भीतर सभी वन्य जीव गलियारों का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। तीन बड़े और तीन छोटे वन्य जीव गलियारों का स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल एनएचएआई ने वन्य जीव गलियारा क्षेत्र से वाहनों के सुरक्षित आवागमन के लिए व्यवस्था जुटाई है।
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