हीमपुरदीपा क्षेत्र के ग्राम जोगी औंधा में निर्मित राशन की दुकान। संवाद
बिजनौर। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान अब तक राशन डीलरों के घर पर ही संचालित हो रही है। सरकार ने इन्हें सरकारी छत के नीचे लाने की कवायद की। इसी क्रम में साल 2023 से जिले में हर साल 75 दुकानों का निर्माण किया जा रहा है। मगर अभी तक सिर्फ 49 दुकानों में ही राशन वितरण चालू हो सका है। बाकी दुकान पूर्ण होने के बाद भी खाली हैं।
मनरेगा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 75 मॉडल शॉप का निर्माण ग्राम पंचायतों में कराया गया। जिन्हें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सुपुर्द किया जा चुका है। उधर आपूर्ति विभाग का दावा है कि 49 दुकानों में राशन का वितरण चालू हो चुका है। सिर्फ 21 दुकान ही चालू होने से रह गई हैं। मगर सूत्रों का दावा है कि अधिकांश जगहों पर राशन डीलर अपने घरों में राशन वितरण कर रहे हैं। ऐसे में सस्ती दरों पर मिलने पर राशन को लेने के लिए कार्ड धारकों को राशन डीलर की चौखट पर दस्तक देनी पड़ती है।
nराशन डीलर दे रहे अजीबो गरीब तर्क : गांव जोगीऔंधा में राशन की दुकान का निर्माण पूरा हुए एक साल से अधिक हो चुका है। मगर इसमें अभी तक राशन वितरण चालू नहीं हुआ। उधर उक्त गांव के राशन डीलर ने बाकायदा डीएम को शिकायती पत्र दिया। जिसमें तर्क दिया गया कि दुकान के पास से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। गुलदार का भी आतंक है। ऐसे में सरकारी दुकान में राशन का वितरण सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं होगा। खाद्यान्न चोरी होने की आशंका है।
nरायपुर बेरीसाल में भी खाली पड़ी दुकान : चंदक क्षेत्र के गांव रायपुर बेरीसाल में दुकान का निर्माण पूरा हुए छह महीने का वक्त बीत चुका है। मगर इसमें अभी तक राशन का वितरण चालू नहीं हो पाया।
लोगों का कहना है कि राशन डीलर उक्त सरकारी छत के नीचे राशन वितरण करने में असहज महसूस कर रहा है।
nविभागों के भी तर्क नहीं खा रहे मेल : मनरेगा के रिकार्ड के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में चार दुकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। उधर खाद्य आपूर्ति विभाग का दावा है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में किसी दुकान का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है।