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जर्जर भवन वाले कॉलेज वैकल्पिक भवनों में होंगे शिफ्ट

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जर्जर भवन वाले कॉलेज वैकल्पिक भवनों में होंगे शिफ्ट
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बिजनौर। शासन जर्जर भवनों में चल रहे राजकीय इंटर कॉलेजों को लेकर सख्त हो गया है। इन कॉलेजों के छात्रों को पढ़ाई के लिए वैकल्पिक विद्यालयों में शिफ्ट करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं। जिस पर प्रशासन ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले में 32 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर, राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज अफजलगढ़, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किरतपुर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नहटौर तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सरकंडा के भवन जर्जर हो गए हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर का भवन तो 100 साल से भी ज्यादा पुराना है। जर्जर भवनों को विशेषज्ञ टीम पढ़ाई के लिए अनुपयुक्त घोषित कर चुकी है। अभिभावक लगातार बच्चों की सुरक्षा का मामला डीएम व शिक्षा अधिकारियों के समक्ष उठा रहे थे। अभिभावकों ने अपने बच्चे जर्जर भवन वाले कॉलेजों में भेजने से इंकार कर दिया था। मामला शासन तक पहुंचा। जिसके बाद डीएम ने तहसीलों के एसडीएम की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की थी। टीम में राजस्व, शिक्षा तथा पीडब्ल्यूडी के अधिकारी शामिल थे। टीम ने जर्जर भवनों वाले पांचों कॉलेजों के भवनों की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। डीएम उमेश मिश्रा ने वैकल्पिक भवन तलाशने के निर्देश डीआईओएस को दिए। डीएम की संस्तुति पर वैकल्पिक विद्यालयों की सूची मंजूरी के लिए शासन को भेजी गई थी। शासन ने इस सूची को मंजूरी दे दी है। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि जर्जर भवन वाले राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्यों को तत्काल प्रभाव से छात्रों को वैकल्पिक विद्यालयों में शिफ्ट करने के निर्देश दे दिए हैं।
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ये है वैकल्पिक विद्यालय
डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर के छात्र राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर के भवन में, राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज अफजलगढ़ के छात्र राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अफजलगढ़, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किरतपुर की छात्राएं मदनी गर्ल्स हाईस्कूल किरतपुर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नहटौर की छात्राएं मुस्लिम फंड गर्ल्स इंटर कॉलेज नहटौर तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सरकड़ा की छात्राएं बाबा लक्ष्मण दास इंटर कॉलेज सरकंडा में पढ़ेंगे। बताया कि राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सरकंडा के भवन निर्माण की स्वीकृति शासन से नहीं मिली है, जबकि बाकी चारों कालेज के भवनों का निर्माण चल रहा है।
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अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मामला
राजकीय इंटर कॉलेजों के जर्जर भवनों का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। भवनों की खस्ता गिरा हालत को उजागर किया गया था। अभिभावक संघ के जिलाध्यक्ष नृपेंद्र देशवाल ने व्यवस्था नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। देशवाल का कहना है कि शासन ने देर से ही सही, लेकिन सही निर्णय लिया है। उनकी मांग की है कि भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए।

बिजनौर में जीआईसी का जर्जर भवन में पड़ी दरार।- फोटो : BIJNOR

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