बिजनौर। बदलते मौसम के साथ बच्चों में डायरिया का प्रकोप भी बढ़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव से छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है। जिससे बच्चे संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में रोजाना करीब 25 बच्चे डायरिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि इस समय खानपान में थोड़ी लापरवाही भी बच्चों के लिए परेशानी बन रही है। दूषित पानी, बासी भोजन और बाहर मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ संक्रमण को बढ़ावा देते हैं। छोटे बच्चों में बार-बार पतले दस्त, उल्टी, पेट दर्द, बुखार और कमजोरी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। समय पर इलाज न मिलने से शरीर में पानी की कमी की समस्या हो रही है। इस मौसम थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। चिकित्सक अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। बदलते मौसम में थोड़ी सी सावधानी बरतकर बच्चों को डायरिया जैसी बीमारियों से बचाया जा सकता है।
इस मौसम में ये सावधानी अभिभावक बरतें
-बच्चों को उबला या शुद्ध पानी ही पिलाएं
-भोजन ताजा और घर का बना हुआ दें
-बच्चों के हाथ साबुन से धुलवाने की आदत डालें
-बाजार की चाट-पकौड़ी, कटे फल और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज कराएं।
-बच्चें को दस्त होने पर ओआरएस का घोल दें
-कोई भी परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें
वर्जन::
बदलते मौसम में बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। खानपान का विशेष ध्यान रखें। इस समय वायरल भी लोगों को परेशान कर रहा है। अभी बच्चों के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
....डॉ. राजेश कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर