बिजनौर। बिजनौर शुगर मिल कुटिया कॉलोनी, धामपुर, अफजलगढ़ के सलावतनगर एवं द्वारिकेश शुगर मिल तथा स्योहारा में छठ पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। सोमवार की शाम अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रती महिलाओं ने पूजा-अर्चना की।
स्योहारा नगर, शुगर मिल मुख्य द्वार काॅलोनी, भूड़ काॅलोनी तथा नई भूड़ काॅलोनी में व्रती महिलाओं ने सूर्य देव और छठी मईया का पूजन किया। इस दौरान घाटों पर केलवा जे फरेला घवद से, ओहि पे जाली भस्म रे सखी... और उठे सुगवा ने बोलला अरघ के बेर भइली... जैसे पारंपरिक छठ गीतों की गूंज से वातावरण भक्ति और भावनाओं से सराबोर हो उठा।
व्रती महिलाओं ने जलकुंडों में स्नान कर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु तथा समाज में शांति की कामना की। श्रद्धालुओं ने दीपदान कर घाटों को जगमग कर दिया। विमला देवी, सुमन देवी, सीमा देवी, दुर्गावती देवी, मैना देवी, सतेंद्र कुमार, मीना दूबे, दिनेश चौहान, शिवनाथ चौहान, चंद्रावती देवी, पार्वती देवी, कंचन सिंह तथा प्रियंका देवी मौजूद रहीं। बिजनौर शुगर मिल में किरन देवी श्रीवास्तव, रेनु, बबीता, प्रतिमा, सुनीता वर्मा, उर्मिला, सोना, सुमन एवं पावीन ने बनाए गए जल कुंड में खड़े होकर पूजन किया।
अफजलगढ़ की द्वारिकेश शुगर मिल में रूबी सिंह, ममता सिंह, नूतन सिंह, सुनीता देवी, आशा त्रिपाठी, ज्योति त्रिपाठी, शकुंतला सिंह बिशेन, क्षमा अवस्थी व संगीता मिश्रा आदि शामिल रहीं। सलावतनगर, तुरतपुर व नवाबपुरा में भी महिलाओं ने छठ पर पूजा की। गायत्री देवी, उमा देवी, सरिता देवी, रिंकी देवी, कमला देवी, उर्मिला देवी, रीता रानी, अनीता देवी आदि रहीं।
धामपुर शुगर मिल कॉलोनी में मिल कर्मियों व उनके परिजनों ने छठ पूजन किया। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस अवसर पर बलराम सिंह, चंदा देवी, बिंदेश्वर साहनी, सुनीता देवी, कौशल साहनी, पिंकी देवी, अनिल उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
बिजनौर में कुटिया कालोनी में छठ पूजा पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती महिला श्रद्घालु। संवाद
बिजनौर में कुटिया कालोनी में छठ पूजा पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती महिला श्रद्घालु। संवाद
बिजनौर में कुटिया कालोनी में छठ पूजा पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती महिला श्रद्घालु। संवाद
बिजनौर में कुटिया कालोनी में छठ पूजा पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती महिला श्रद्घालु। संवाद
बिजनौर में कुटिया कालोनी में छठ पूजा पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देती महिला श्रद्घालु। संवाद