अनुबंध खेती कानून की प्रतियां जलाईं
बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने अनुबंध खेती का विरोध किया है। गांवों में इस कानून का विरोध करते हुए इसकी प्रतियों में आग लगाई। अनुबंध खेती की जगह स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की गई।
संगठन के सदस्यों ने जिले भर में गांवों में हाथों में कानून की प्रतियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि किसानों को कंपनी का गुलाम बनाने के लिए अनुबंध खेती कराई जा रही है। इसमें किसान का कोई भला नहीं है। किसान कंपनी की निर्धारित की गई कीमत पर ही फसल बेच सकता है। कहा कि किसानों का हित करने वाली स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट सालों से अटकी पड़ी है लेकिन अनुबंध खेती के कानून को रातोंरात लागू कर दिया गया है। किसानों को कंपनी का गुलाम नहीं बनने दिया जाएगा। लॉकडाउन में सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का ही हुआ है, जबकि किसान विश्वव्यापी महामारी के बीच भी खेतों में काम करते रहे ताकि खाद्यान्न की कोई कमी न आए। इसके बाद भी किसानों को अब तक गन्ने का भुगतान नहीं किया गया है। बिजली के दाम और डीजल की कीमत बढ़ाकर खेती की लागत को और बढ़ा दिया गया है, जबकि किसानों को फसलों के लाभकारी मूल्य आज तक नहीं दिलाए गए हैं। सरकार को पूंजीपतियों के बजाए किसान हित में फैसले लेने चाहिए। इस संबंध में सोमवार को कलक्ट्रेट में ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। इस दौरान अंकुर चौधरी, गौरव कुमार, मनीष, संजय चौधरी, ब्रजवीर सिंह, अचिन कुमार मौजूद रहे।