बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक भारतेंदु ने अभियुक्त हसन हैदर और उसके साले हसीन हैदर को दोषी पाया है। उन्हें सात साल के कारावास और पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकुल कुमार सिंह ने बताया कि शहर कोतवाली में 21 जून 2010 को एक गांव की युवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि हसन हैदर पुत्र मोहम्मद हैदर ने अपने घरवालों की मर्जी के खिलाफ शादी की। शादी के बाद हसन हैदर की पत्नी ने लड़की को जन्म दिया। बेटी होने पर गांव में तरह-तरह की अफवाह उड़ने लगी। जिसमें हसन हैदर मेरे घर वालों पर भी अफवाह उड़ाने का झूठा इल्जाम लगता रहता था। इसी के चलते हसन हैदर और उसका साला हसीन हैदर पुत्र जमीर 21 जून 2010 की शाम 5:00 बजे घर में घुस आए। जिन्होंने उसकी छोटी बहन को अकेला देखकर मारपीट की और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। उसके पिता और भाई को भी थाने तक नहीं जाने दिया। पुलिस ने विवेचना करने के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अब अदालत ने सुनवाई के बाद हसन हैदर और हसीन हैदर को दोषी पाया है। उन्हें सात साल के कारावास की सजा की सुनाई है।