बिजनौर जनपद के मंडावर में डैबलगढ़ के पास गंगा के तेज बहाव में नाव पलट गई। नाव पर दस महिलाओं समेत करीब बीस लोग सवार थे, जिन्हें राहत-बचाव कार्य कर बचा लिया गया। इनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। नाव पलटने से इलाके में हड़कंप मच गया। नाव पर सवार सभी लोग गंगा पार खेतों में काम करने जा रहे थे।
मंडावर थाना क्षेत्र के गांव राजारामपुर और डैबलगढ़ के किसान गुरुवार को करीब सवा नौ बजे नाव से गंगा के पार खेतों में जा रहे थे। इनकी नाव गंगा की बीच धार में पहुंची तो तेज बहाव में संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। नाव में सवार सभी बीस लोग बहने लगे। चीख पुकार सुनकर गांव से लोग गंगा की तरफ दौड़ पड़े। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। तैराक गांव वाले गंगा में कूद गए। पुलिस भी मौके पर पहुंची। राहत-बचाव कार्य कर सभी लोगों को गंगा से बाहर निकाला गया। बचाए गए लोगों में गांव डैबलगढ़ के रहने वाले शेखर, दीपक, बालेश, दीया, नेहा, राधा, मंजू, मुकेश, ब्रजेश और राजारामपुर निवासी ओमप्रकाश, बालेश, नरेंद्र, सुरेंद्र आदि शामिल थे। जिन्हें सकुशल बचा लिया गया। ओमप्रकाश और राधा बेहोशी की हालत में बाहर निकाले गए। उन्हें पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस के मुताबिक गंगा में नाव पलटकर डूब गई थी। जिसमें करीब 20 लोग सवार थे, सभी को ग्रामीणों की मदद से सकुशल बचा लिया गया है। नाव पलटते ही चीख पुकार सुन ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी। तुरंत ही लोगों को गंगा से बाहर निकाला गया। देर हो जाती तो शायद बड़ा हादसा हो सकता था। गंगा से बाहर निकाले जाने के बाद भी लोग सहमे रहे। गंगा में सवार लोगों ने मौत को करीब से देखा जो कि संयोगवश समय रहते निकाल लिए गए।
जेहन में ताजा हो गया तीन साल पहले हुआ हादसा
डैबलगढ़ के पास गंगा में नाव पलटने से तीन साल पहले हुआ हादसा लोगों के जेहन में ताजा हो गया। दरअसल, तीन साल पहले इसी जगह नाव पलटने से दस महिलाएं गंगा में डूब गई थीं। जिनमें चार महिलाओं के शव बरामद हुए, जबकि छह महिलाएं अभी भी लापता हैं। उस वक्त 18 लोगों को बचा भी लिया गया था।
25 अगस्त 2018 को गंगा खादर के गांव राजारामपुर और डैबलगढ़ के सामने ही गंगा में तेज बहाव के चलते एक नाव पलट गई थी। हादसे के वक्त नाव में 28 लोग सवार थे। गांव वालों और पुलिस-प्रशासन ने राहत बचाव कार्य कर 18 लोगों को बचा लिया था, जबकि 10 महिलाएं लापता हो गई थीं। लापता हुई सभी महिलाएं डैबलगड़ गांव की रहने वाली थीं। रेस्क्यू से सूबे सिंह, वेदपाल, मूलचंद, नेत्रपाल, ज्योति, रामवती, शारदा, झोरी, कमलेश, संतोष देवी, रामेंद्र, आकाश, सुशील, शीशपाल, सरोज, सोनवीर, ज्योति, सरोज, रामवती को रेस्क्यू कर बचा लिया गया था। मीना, ब्रजवाला, अनिता, कुसुम, परवेश, सरस्वती, सुनीता, नागिनी, शिया, मीना गंगा में डूब गई थीं। घटना के कई दिनों बाद तक चले रेस्क्यू में मीना देवी, परवेश, सरस्वती व शिया के शव बरामद हो गए थे। जबकि ब्रजवाला, अनिता, सुनीता, कुसुम, नागिनि, मीना अभी तक लापता हैं।