धामपुर। कमर्शियल सिलिंडरों की आवक बंद होने से होटल स्वामी परेशान है। इनके लिए होटल चलाना मुश्किल हो गया है। उधर संचालकों ने होटलों को चलाने के लिए अब अपने आसपास के रहने वाले लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। लोगों ने डीएम को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर धुआं प्रदूषण फैला रहे होटलों को बंदकर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नगर के करपाल सिंह, रविंद्र कुमार, गौरव सिंह, भूदेव सिंह आदि ने बताया कि सवेरे आठ बजे से लेकर देर रात तक इन होटलों के भीतर स्थित रसोइयों से काला जहरीला धुआं निकल रहा है। जिससे आसपास के लोगों एवं प्राइवेट बस अड्डे पर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि विरोध करने पर भी इन पर कोई असर नहीं हो रहा। ये लोग सवेरे से ही होटल चलाने के लिए टिकली कोयले के स्थान पर लकड़ियों व उपलों की भट्ठियां चालू कर देते हैं।
प्राइवेट बस अड्डे के निकट स्थित कई होटल संचालित हैं। होटलों के स्वामियों की ओर से कोयले की भट्ठी के स्थान पर लकड़ी, उपलों को प्रयोग में लाया जा रहा है। जिनसे काला धुआं उठ रहा है। कई लोग सांस की बीमारी से ग्रसित हो गए हैं। टिकली कोयले काे प्रयोग में लाया जा सकता है। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। होटलों से निकल रहा जहरीला खतरनाक धुआं लोगों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा खतरा बना है।
उधर तहसीलदार धनराज कुमार का कहना है कि ऐसा मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कर धुआं प्रदूषण करने वाले संचालकों पर कार्रवाई कराई जाएगी।