बिजनौर। भाजपा की वरिष्ठ नेत्री अनुराधा चौधरी ने कहा कि वर्ष 2017 के विस चुनाव में यूपी के अंदर भाजपा की प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनेगी। उन्होंने सपा को प्रदेश के विकास में बाधा बताते हुए कहा कि सपा सरकार में कानून व्यवस्था गड़बड़ा गई है।
किसान आत्महत्या कर रहे हैं। अनुराधा चौधरी के बिजनौर को एनसीआर में शामिल कराने के लिए संघर्ष करने का भरोसा भी दिलाया।
मुख्य रूप से बिजनौर विधान सभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से परिचय की दृष्टि से आयोजित कार्यक्रम में अनुराधा चौधरी ने कहा कि वेस्ट यूपी हमेशा से ही उनका कार्यक्षेत्र रहा है। मुजफ्फरनगर जनपद एनसीआर में शामिल हो चुका है तो बिजनौर को क्यों नहीं हो सकता है।
इसके लिए सभी को मिलकर एकजुटता के साथ संघर्ष करने की आवश्यकता है। वे इस मामले में केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू से मिलेंगी। कार्यक्रम के बाद अनुराधा चौधरी ने एनसीआर संघर्ष समिति के पदाधिकारी शूरवीर सिंह, नरेंद्र मारवाड़ी और अशोक निर्दोष के साथ भी मीटिंग की।
इसके बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश चहुमुखी विकास की ओर तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। वैश्विक स्तर पर भी भारत की उपस्थिति मजबूत हुई है।
कहा कि प्रदेश सरकार गन्ने का भुगतान कराने में नाकाम साबित हो रही है। केंद्र सरकार ने छह हजार करोड़ रुपया भुगतान के लिए देने का प्रावधान किया है। जल्द ही यह धनराशि किसानों के खातों में जाएगी। हालांकि धनराशि कब आएगी, इस सवाल पर वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाई।
इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष सुमन त्यागी, सीताराम राणा, सुभाष, बीरबल सिंह, दीपक, नवनिहाल सिंह, राजीव सिसौदिया आदि शामिल रहे।
और अनुराधा को बना दिया मायावती
कार्यक्रम के दौरान एक नेता भाजपा नेत्री अनुराधा चौधरी को बहन मायावती कहकर संबोधित कर दिया। सभी नेता को देखते रह गए। हालांकि बाद में नेता अपनी भूल को स्वीकार कर लिया।
अनुराधा चौधरी की दस्तक से दहला सियासत की जमीन
बिजनौर। पूर्व कैबिनेट मंत्री अनुराधा चौधरी की दस्तक ने बिजनौर की सियासत में भूचाल ला दिया है। हालांकि विस चुनाव को अभी लंबा समय है, लेकिन सियासत की बिसात पर गोटियां अभी से चलने लगी है।
माना जा रहा है कि अनुराधा चौधरी बिजनौर विस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छुक है और बिजनौर क्षेत्र में अपनी राजनीतिक ताकत को बढ़ाना चाहती है।
अनुराधा चौधरी बिजनौर लोकसभा क्षेत्र से सपा की प्रत्याशी रही है, लेकिन ऐन मौके पर उनका टिकट काट दिया गया था। इसके बाद वे प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रही, लेकिन सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुकी है। सूत्रों के बिजनौर सीट पर जाट बिरादरी के मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है।
हर बार भाजपा इस सीट पर जाट प्रत्याशी को ही मैदान में उतारती है। आगामी विस चुनाव 2017 के लिए अनुराधा चौधरी बिजनौर सीट पर अपनी भूमिका तैयार करने में जुटी हुई है। यही वजह है कि मंगलवार को परिचय सम्मेलन में अमूमन बिजनौर विस क्षेत्र के कार्यकर्ता ही शामिल हुए हैं। एनसीआर के मुद्दे पर अनुराधा चौधरी की गंभीरता को भी सियासी नजरिए से देखा जा रहा है।
फिलहाल पूर्व राज्यमंत्री अनुराधा चौधरी की दस्तक से बिजनौर के नेताओं के कान भी खड़े हो गए हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष सुमन त्यागी का कहना है कि अनुराधा चौधरी का कार्यक्रम सियासी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। वे भाजपा की नेत्री है, उनका कार्यक्रम केवल कार्यकर्ताओं से परिचय की दृष्टि से हुआ है।
वे एनसीआर के मुद्दे पर संघर्ष करना चाहती है और बिजनौर के नेताओं से भी मिलना चाहती थी। इसी के निमित्त यह कार्यक्रम हुआ। उधर, अनुराधा चौधरी ने भी सियासी कयास को किनारे करते हुए कहा कि बिजनौर में उनका दोबारा सियासी नहीं बल्कि वे वास्तव में बिजनौर के विकास को लेकर संजीदा है और जनपद को एनसीआर में शामिल करना चाहती है।