सूचना पर पहुंची पुलिस और एकत्र लोग।
- फोटो : अमर उजाला
मौत की सीढ़ी बनी मदद की कोशिश
मुनेश्वर को निकालने के लिए तिसोतरा निवासी कपिल देव पुत्र भीम सिंह टैंक में उतरे लेकिन वह भी अंदर ही दम घुटने से बेहोश हो गए। इसके बाद लालपुर सोजीमल निवासी सोमपाल पुत्र दयाराम ने तीसरे प्रयास में उतरकर दोनों को निकालने की कोशिश की, मगर वह भी टैंक से बाहर नहीं निकल सके।
सुपरवाइजर प्रभात, जो अंतिम प्रयास में टैंक में उतरे, ने बताया कि उसने एक कर्मचारी का हाथ पकड़कर ऊपर खींचने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही उसकी सांसें थमने लगीं, हाथ छूट गया और वह भी बेहोश होने लगे। अन्य कर्मचारियों की मदद से उन्हें बाहर निकाल लिया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
मौके पर एकत्र ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
कर्मचारियों को नहीं लगी भनक
एक प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारी के अनुसार, जब हादसा हुआ, तब आसपास के कर्मचारियों को कोई भनक नहीं लगी। सुबह करीब 10:30 बजे कुछ लोग दौड़ते हुए उस ओर गए और फिर एंबुलेंस पहुंची। 11:30 बजे अचानक सभी को छुट्टी दे दी गई, और बाहर निकलने पर पता चला कि तीन लोगों की जान चली गई है।