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Bijnor: दरोगा सहित तीन पुलिस कर्मियों को तीन-तीन साल की सजा... बेकसूरों पर ऐसे किया था अत्याचार

Fri, 24 Jan 2025 08:59 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

गांव शहजादपुर निवासी उदय सैनी ने कोर्ट के जरिये थाना मंडावर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : ANI
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विस्तार
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रकाश चंद शुक्ला ने जानलेवा हमले एवं लूट में दोषी पाते हुए दरोगा शिवराम यादव और दो सिपाहियों ओमवीर भाटी व राजेंद्र सिंह को तीन-तीन वर्ष के कारावास एवं 34- 34 हजार अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थ दंड की कुल राशि एक लाख 2 हजार में से 20-20 हजार इस घटना में पीड़ित चार व्यक्तियों सतपाल, मुला सिंह, दयाराम, राकेश को देने के आदेश दिए हैं।
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थाना मंडावर के ग्राम शहजादपुर निवासी उदय सैनी ने कोर्ट के माध्यम से थाना मंडावर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका भाई सतपाल 12 नवंबर 1995 को अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली से ग्राम सिमली से कांस के पूले और ग्राम मौजपुर के धर्मवीर के कोल्हू से गन्ना भुगतान के 1731 रुपए लेकर आया था। शाम 6:00 बजे सतपाल अपने कोल्हू के पास घेर में ट्रॉली से पूले उतारने लगा।
तब टेंपो में सवार होकर थाना मंडावर में तैनात दरोगा शिवराम यादव, सिपाही ओमवीर भाटी, सिपाही राजेंद्र सिंह व सिपाही सतपाल आए। उन्होंने सतपाल से कहा कि पूले कहां से लाए हो। सतपाल के यह कहने पर कि वह पूले खरीद कर लाए हैं, पुलिस वाले उसे गालियां देने लगे। राइफल की बट से मारपीट करते हुए घायल कर दिया। उसकी जेब में रखे 1731 रुपए निकाल लिए।
 

राकेश, दयाराम ने छुड़ाने की कोशिश की तो पुलिस वालों ने उन्हें भी पीटा। इसके बाद सतपाल को टेंपो में बैठा कर चल दिए। मोहम्मदपुर देवमल चौराहे पर सतपाल के भाई मूलचंद तथा अन्य गांव वालों ने पुलिस वालों के टेंपो रोककर सतपाल को ले जाने का कारण पूछा। इस दौरान सतपाल टेंपो से भाग गया।
पुलिस वालों ने जान से मारने की नियत से सतपाल पर फायर किया। उसके भाई मूलचंद को मोटरसाइकिल सहित मारपीट करते हुए थाने ले गए। सत्यपाल, दयाराम एवं राकेश की चोटों का मुआयना जिला अस्पताल में हुआ। मूलचंद को पुलिस ने अवैध शराब रखने के आरोप में चालान कर दिया।
 
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मूलचंद की जमानत हुई और उसका भी मेडिकल कराया गया। शिकायत पर सीओ की जांच में लूट और हमले की घटना सही पाई गई, मगर पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें दरोगा शिवराम यादव, सिपाही ओमवीर भाटी, सिपाही राजेंद्र सिंह, सिपाही सत्यपाल के विरुद्ध धारा 307, 394, 323, 504, 500 आईपीसी के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
कोर्ट में विचारण के दौरान सिपाही सतपाल की मौत हो गई। कोर्ट ने दरोगा शिवराम यादव, सिपाही ओमपाल भाटी, सिपाही राजेंद्र सिंह को जानलेवा हमला, लूट, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
 
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