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Bijnor: फर्जी एप पर दो करोड़ के बन गए 498 करोड़, हकीकत में लुटते रहे नौसेना के रिटायर्ड अफसर, ऐसे बनाया शिकार

Fri, 02 May 2025 05:49 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

थाना कोतवाली देहात क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने भारतीय नौसेना में 35 साल तक नौकरी की। मेहनत से जोड़ी पाई-पाई साइबर ठगों ने ठगी ही। जब एप पर मोटा मुनाफा दिखा तो 50 लाख रुपये लोन लेकर भी लगा दिए। अब साइबर पुलिस जांच कर रही है।  
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साइबर क्राइम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त अफसर से साइबर ठगों ने दो करोड़ दस लाख की ठगी कर ली। ठगों ने एक फर्जी शेयर मार्केट एप पर उसके दो करोड़ को 498 करोड़ दिखा दिया। जब पैसा निकालने के बारी आई तो ठगी का पता चला। साइबर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। उधर रिटायर अफसर ठगी होने के बाद से सदमे में पहुंच गए हैं।
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थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने भारतीय नौसेना में 35 सालों तक नौकरी की। अब रिटायर होने के बाद से गांव में रहने लगे, जबकि उनका बेटा भारतीय सेना के मेडिकल कॉलेज पुणे से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।
 

आठ मार्च को रिटायर अफसर को एक व्हॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में एडमिन ने शेयर मार्केट में पैसा लगाने और मुनाफा कमाने की बात कही। इसके बाद एक लिंक भेजकर एप को डाउनलोड कराया गया। एप के माध्यम से शेयर ट्रेडिंग शुरू दी। इसके बाद पीड़ित ने झांसे में आने की वजह से बिजनौर स्थित बैंक शाखा के खाते से 10 मार्च से 23 अप्रैल तक 51 ट्रांजेक्शन में 84 लाख 90 हजार रुपये भेज दिए। 
 

इसके अलावा पीड़ित ने दूसरे बैंक खाते से एक करोड़ 23 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुल मिलाकर दो करोड़ दस लाख रुपये साइबर ठगों के बताए गए 17 खातों में भेज दिए। इतना ही नहीं, जब बचत का पैसा खत्म हो गया तो पीड़ित ने अपनी पेंशन पर 50 लाख रुपये का लोन भी ले लिया था।
 

केरल और उड़ीसा तक गया ठगी का पैसा
पुलिस की शुरुआती जांच में साफ हो गया है कि पीड़ित ने केरल, उड़ीसा, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि राज्यों में स्थित बैंक के खातों में पैसा भेजा है। अब पुलिस ने उक्त खातों की जांच शुरू कर दी है।


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फर्जी एप दिखाता रहा 498 करोड़ का मुनाफा
बताया गया कि जिस एप के जरिए ठगी की गई है, उस एप पर पीड़ित के अकाउंट में 498 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया गया। मगर उक्त मुनाफे की रकम को निकालने का प्रयास किया गया तो वह पैसा नहीं मिला। बताया गया कि उक्त रकम को निकालने के लिए 50 लाख की और डिमांड की गई। तब उन्हें ठगी का अहसास हो गया।
 

फिजुलखर्जी से जीवनभर बनाई दूरी, अब गंवा दी मोटी रकम
सूत्रों का कहना है कि पीड़ित ने जीवनभर फिजूलखर्ची नहीं की। अपने लिए कुछ महंगा सामान कभी नहीं खरीदा। परिवार वालों ने जो खरीद लिया, उसी में संतोष कर लिया। अब लालच में आकर मोटी रकम गंवा दी। इसी वजह से पीड़ित के सदमे में जाने की बात कही जा रही है। उधर परिवार वालों ने पीड़ित का मोबाइल भी कब्जे में लिया है, जिससे और रकम ना चली जाए।
 

गूगल को भेजा गया पत्र, मांगी यूजर की जानकारी
साइबर पुलिस की ओर से रिपोर्ट दर्ज करने के बाद बैंकों और गूगल के मुख्यालय को पत्र भेजे गए हैं। गूगल को पत्र भेजकर साइबर ठगी वाले एप और उक्त व्हॉट्सएप ग्रुप के यूजर की जानकारी मांगी गई है।
 
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लगातार किया जा रहा जागरूक :एएसपी सिटी
एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी ने बताया कि पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। तमाम अभियान चलाकर भी सचेत किया गया, फिर भी लोग शार्ट टर्म में मोटा मुनाफा कमाने के लालच में फंस रहे हैं। दो करोड़ की ठगी का केस दर्ज करते हुए जांच की जा रही है।

 
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