बिजनौर में इंद्रजीत हत्याकांड में पुलिस ने किशोरी के पिता और दादा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनका चालान कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया। प्रेम प्रसंग के चलते किशोरी के परिवारों वालों ने ही इंद्रजीत की गला घोंट कर हत्या कर दी थी।
सोमवार को एएसपी देहात राम अर्ज ने प्रेसवार्ता करते हुए इंद्रजीत हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि दस दिसंबर की शाम दारानगर गंज के पास गंगा खादर में इंद्रजीत (22) पुत्र पपींद्र का शव पड़ा मिला था। मृतक की मां ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि तिलक की बेटी से इंद्रजीत के प्रेम संबंध थे। जिसके चलते आरोपी तिलक का परिवार रंजिश रखने लगा। नौ दिसंबर की शाम इंद्रजीत को आरोपी घर से बुलाकर ले गए थे और हत्या कर दी।
पुलिस ने किशोरी के दादा श्रीराम, पिता तिलक, चाचा संजय और सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तिलक ने अपनी बेटी को कई बार इंद्रजीत के साथ छत पर देखा था। जिस पर इंद्रजीत की मां ने माफी मांगते हुए उसे बाहर भेज दिया था। अब इंद्रजीत दस-पंद्रह दिन पहले घर आया और किशोरी से मेलजोल बढ़ाने लगा। जिसके चलते इंद्रजीत को घर से बुलाकर गला घोंटते हुए उसकी हत्या कर दी। इसके बाद रिक्शा ठेली में रखकर उसके शव को गंगा खादर में फेंक आए।
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इतना ही नहीं हत्या करने के बाद आरोपियों ने किशोरी के सीने पर रखकर बारूद से गोली लगने जैसा निशान बनाया, फिर उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया था। साथ ही इंद्रजीत के खिलाफ हमला करने की तहरीर सौंप दी थी, लेकिन शाम होने तक उसका शव मिलते ही मामला पलट गया। सीओ सिटी अनिल कुमार के निर्देशन में कोतवाल रविंद्र वशिष्ठ आदि गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में शामिल रहे।
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