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चारे में यूरिया का अधिक प्रयोग पशुओं को बना रहा डायरिया का शिकार

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गाय। - फोटो : ????
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फसल में यूरिया का अधिक प्रयोग पशुओं को बना रहा डायरिया का शिकार
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बिजनौर। जिले में किसान हरे चारे की फसलों में यूरिया का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं। इससे पशु डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। इससे पशुओं की मौत भी हो सकती है। कृषि व पशुपालन विभाग के अफसरों ने इस बारे में किसानों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
चांदपुर के गांव बसेड़ी में दीपावली पर विषाक्त भूसा व दाना खाने से किसान राहुल सिंह के 11 पशुओं की मौत हो गई है। हाल ही में पशुपालन विभाग ने सभी गोशालाओं में गोवंश को 80 प्रतिशत भूसा व केवल 20 प्रतिशत हरा चारा देने के निर्देश दिए थे। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि जिले के किसान हरे चारे में यूरिया का बहुत अधिक प्रयोग कर रहे हैं। यूरिया के अधिक प्रयोग से फसल जहरीली हो सकती है। यूरिया में नाइट्रेट और नाइट्राइट होते हैं। फसल को अधिक यूरिया देने से ये पदार्थ फसल में चले जाते हैं। ये चारा खाने से पशु की मौत भी हो जाती है। जिले के एक गांव में ऐसा चारा खाने से पशुओं की मौत भी हो चुकी है। लेकिन किसान हरे चारे की फसल में यूरिया के नुकसान से अनजान हैं। वे फसल को बढ़ाने के चक्कर में ज्यादा मात्रा में यूरिया डाल देते हैं। हरे चारे में यूरिया के अधिक प्रयोग से जिले के पशु डायरिया की चपेट में हैं।
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अधिक यूरिया से पशुओं का स्वास्थ्य खराब
अक्सर हरा चारा खाने से पशु पतला गोबर करने लगते हैं। किसान समझते हैं कि अधिक हरा चारा पशु को पच नहीं रहा है जबकि असल में यूरिया के अधिक प्रयोग से नाइट्रेट व नाइट्राइट फसल में जाने से पशुओं को डायरिया होता है। किसान अधिक यूरिया डालकर व बाद में पशु का उपचार कराकर नुकसान भी उठाते हैं।
किसान जब चारे में यूरिया डालकर पानी दें तो तीन दिन तक उस खेत से चारा पशुओं को नहीं खिलाना चाहिए। अगर किसानों ने यूरिया कम डाला है तब भूसे के साथ हरा चारा खिलाया जा सकता है।
खुशकी लगी चरही होती है जानलेवा
हरे चारे के रूप में चरही पशुओं का पसंदीदा आहार होती है। आजकल के समय में किसान दूसरी फसल बोने के चक्कर में खेत में खड़ी चरही की फसल की सिंचाई नहीं करते हैं। चरही की फसल को खुशकी लगने से उसमे हाइड्रोसाइनिक एसिड बन जाता है। ऐसी फसल पशुओं की जान ले सकती है। किसानों को खुशकी लगी चरही की फसल पशुओं को नहीं देनी चाहिए।
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हरे चारे की फसल में न डालें यूरिया
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूपेंद्र सिंह के अनुसार किसान हरे चारे में यूरिया न डालें या कम से कम डालें। खुशकी लगी चरही भी पशुओं को न खिलाएं। अधिक यूरिया डला हरा चारा व खुशकी लगी चरही पशुओं के लिए जानलेवा हो सकती है।
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