बिजनौर के कालागढ़ में सूखासोत एवं प्रवेश द्वार के निकट बाघ की चहल कदमी से अफरा-तफरी मच गई। कालागढ़ में यूं तो वन्यजीवों की आवाजाही आम बात है। नई कॉलोनी केंद्रीय कॉलोनी के रास्तों में वन्य जीव अक्सर लोगों के सामने आ जाते हैं।
वहीं, रविवार की रात्रि में एक बाघ सीमा पर बने प्रवेश द्वार के निकट से होता हुआ सूखासोत में विचरण करता देखा गया। नागरिकों शमसुद्दीन अंसारी, आसिफ अंसारी, राजवीर सिंह आदि का कहना है कि बाघ के इस क्षेत्र में दिखाई देने से असुरक्षा की स्थिति पैदा हो रही है। रात्रि में वहां से गुजरने वाले राहगीर एवं सुबह के समय मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों की सुरक्षा को खतरा है।
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