बताया गया कि गोली लगने वाला बदमाश आदित्य राणा उर्फ रवि था, जिसकी हिस्ट्री शीट संख्या 41ए है, इसके विरुद्ध जिला बिजनौर व अन्य जिलों में 47 अभियोग पंजीकृत है। जिला बिजनौर व अन्य जिले के न्यायालयों से काफी संख्या में गैर जमानती वारंट निर्गत किए गए हैं। आदित्य राणा पर पुलिस महानिदेशक द्वारा 2.50 लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पत्र में उल्लेखित प्राविधान के अनुसार, पुलिस मुठभेड़ से संबंधित प्रकरण में मजिस्ट्रियल जांच कराए जाने की व्यवस्था दी गयी है। एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर 24 अप्रैल को प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच के लिए आदेश मिले हैं। उक्त मजिस्ट्रियल जांच में पुलिस मुठभेड़ में शामिल पुलिस अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के बयान, साक्ष्य अंकित कराए जाने हैं। उक्त संबंध में उन्होंने बताया कि उक्त घटना से संबंधित पुलिस अधिकारियों व पुलिस कर्मियों के बयान, साक्ष्य तीन दिन के अंदर कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।