अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन प्रशांत मित्तल ने बहुचर्चित बलराज हत्याकांड में विजय सिंह और उसकी प्रेमिका गीता को दोषी पाया है। दोनों को आजीवन कारावास एवं 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
गांव बंघाला निवासी माया देवी ने छह अप्रैल 2023 को नगीना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि उसके पति बलराज दो-तीन दिन पहले गांव में बने शिव मंदिर में सुबह पांच बजे पूजा और सफाई करने गए थे। मंदिर का दरवाजा खुला दिखने पर बलराज को चोरी का शक हुआ। पति ने मंदिर में बने कमरे में जाकर देखा तो गांव के ही विजय सिंह और गीता आपत्तिजनक स्थिति में थे। विजय सिंह ने उसके पति बलराज को यह बात किसी को ना बताने की धमकी दी थी। पति ने घर पर आकर यह बात उसे बताई थी।