अफ्रीका देशों में मंकीपॉक्स बीमारी से ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। जिसके चलते अफ्रीका देशों से जिले में आने वाले लोगों की रिपोर्टिंग की जाएगी। अगर उनमें मंकीपॉक्स के कोई लक्षण दिखाई देते हैं, उन्हें घर पर आइसोलेट किया जाएगा।
मंकीपॉक्स बीमारी अफ्रीका देशों में तेजी से फैल रही है। हालांकि भारत में मंकीपॉक्स का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके साथ ही जिले में स्वास्थ्य विभाग ने अफ्रीका से आने वाले लोगों की रिपोर्टिंग करने के लिए कहा है।
सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल ने बताया कि मंकीपॉक्स संक्रमण बंदरों और जंगली जानवरों के संपर्क में आने से फैलता है। यह वायरस कटी-फटी त्वचा, श्वासनली, आंख, नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश करता है।
यह भी पढ़ें: खौफनाक मंजर: हर तरफ था खून ही खून, कांप उठा कलेजा, मेडिकल में भर्ती झुलसे लोगों ने सुनाई आपबीती
इसके बाद व्यक्ति को बुखार के साथ-साथ शरीर पर निशान बन जाते हैं। मंकीपॉक्स बीमारी ब्रिटेन, यूनाइटेड किंगडम, यूएसए, यूरोप, कनाडा, आस्ट्रेलिया समेत 12 देशों में पैर पसार चुकी है। केंद्र सरकार ने अफ्रीका से आने वाले लोगों की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
पपड़ी छूटने के बाद स्वस्थ हो जाता है मरीज : सीएमओ
सीएमओ डॉ. विजय कुमार गोयल ने बताया कि मंकीपॉक्स के लक्षण सात से 14 दिनों तक रहते हैं। इसके बाद शरीर पर पड़े चकत्ते सूखकर पपड़ी बन जाते हैं। जब पपड़ी छूट जाती है तो व्यक्ति स्वस्थ हो जाता है। अफ्रीका से आने वाले लोगों की रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।