बिजनौर। आज विश्व सर्प दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में बात बिजनौर की करें तो यहां पर ऑन रिकॉर्ड सांपों की करीब 14 प्रजातियां मौजूद हैं। इनमें से चार प्रजातियां जहरीली हैं। उधर, जिले में पिछले एक साल में 30 से ज्यादा लोगों की जान सर्पदंश से जा चुकी है। हालांकि अधिकांश मामलों में लोग झाड़फूंक के चक्कर में पड़े और जान गवां बैठे। जो समय से अस्पताल पहुंचे, उनकी जान बच गई।
जिले में सत्र 2024-25 में सभी सीएचसी, पीएचसी पर 252 मरीज सर्पदंश के पहुंचे। इनमें से केवल एक ही व्यक्ति की सर्पदंश से मौत हो हुई। जबकि, इस सत्र में अप्रैल से अब तक मेडिकल अस्पताल में 73 सर्पदंश के मरीज पहुंचे। इनमें से समय से अस्पताल नहीं पहुंचने पर एक की मौत हुई। जबकि, और मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चले गए। मेडिकल अस्पताल में अप्रैल में आठ, मई में 13, जून में 26 और जुलाई में अब तक 27 सर्पदंश के मरीज पहुंचे। इसके अलावा मेडिकल अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम की करीब 1500 वायॅल उपलब्ध हैं। जबकि, सीएचसी-पीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता है।
झाड़फूंक ने ले ली 30 लोगों की जान
जिले में एक साल में करीब 30 लोगों की सर्पदंश से मौत हुई है। जो सांप के कांटने पर झाड़फूंक के चक्कर में पड़े रहे। समय से अस्पताल लेकर नहीं पहुंचे। इनमें बच्चे, युवा, बुजुर्ग सभी शामिल हैं। वहीं, जो लोग समय से अस्पताल पहुंचे। वह स्वस्थ हैं।
जिले में 14 प्रजातियों के सांप
जिले में सांप की 14 प्रजाति पाई जाती हैं। मगर इनमें से चार प्रजाति के सांप ही विषैले होते हैं, जिनके काटने से व्यक्ति की मौत हो सकती है। इनमें किंग कोबरा, कोबरा, कॉमन क्रेट, रस्सल्स वाइपर विषैले सांप हैं। जबकि, कॉमन कैट स्नेक कुछ कम विषैला है। ब्राह्मनी वर्म स्नेक, कॉमन वुल्फ स्नेक, चैकर्ड कीलबैक, स्ट्राइप्ड कीलबैक, इंडियन रैट स्नेक, कॉमन ट्रिंकेट स्नेक, कॉपर-हेडेड ट्रिंकेट स्नेक, कौलर्ड ब्लैक-हैडेड स्नेक, बर्मीज पाइथन विषहीन सांप हैं, जो आमतौर पर सभी क्षेत्रों में देखे जाते हैं।
ये है विषैले सांपों की पहचान
- किंग कोबरा: अमानगढ़ जंगल की सीमा में देखा जाता है। इसका फन कम चौड़ा होता है। इसका लंबाई अधिक रहती है। यह धुंधले हरे रंग से लेकर काला होता है। इनके शरीर पर पीली और भूरी पट्टियां होती हैं।
-कोबरा: आमतौर पर कहीं देखने को मिल जाता है। कोबरा तीन प्रकार का होता है। एक कोबरा के फन पर चश्में जैसे निशान, दूसरे के फन पर आंख के आकार का निशान, तीसरे के फन पर कोई विशेष निशान नहीं होता।
-कॉमन क्रेट : लंबाई करीब 10 मीटर है। यह सिर की ओर धूमिल और पूछ की ओर आते-आते चमकदार होता है। शरीर पर सफेट पट्टियां होती हैं।
-रस्सल्स वाइपर : भूरे रंग का सांप है। इसके शरीर पर काले रंग के तीन अंडाकार धब्बे की पट्टियां होती हैं। इसकी पूंछ मोटी और सिर तिकोना और संकरी गर्दन होती है।
-कॉमन कैट स्नेक : हल्के भूरे रंग का होता है। उस पर काली किनारियों वाले स्लेटी रंग की गोलाई लिए हुए पट्टियां होती हैं। शरीर पतला, लंबा और सिर चपटा होता है।
सांप के काटने पर करें ये काम
-जहां सांप ने काटा हो, उससे आधा फीट ऊपर बंध लगाएं
-सांप के काटने पर बिल्कुल न घबराएं
-इसके बाद तुरंत अस्पताल पहुंचे
-अस्पताल पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम लगवाएं
-झांड़फूंक के चक्कर में न पड़ें
बारिश के मौसम में सांपों से ऐसे करें बचाव
-घर के आसपास साफ-सफाई रखें
-सभी दरारें और छेद बंद रखें
-खिड़कियों, दरवाजों पर जाली लगाएं
-घर के आसपास कचरा जमा न होनें दें
-ग्रिल्स लगाकर नालियों का मुंह बंद करें
सर्पदंश के लक्षण
-जलन और सूजन होना
-जी मिचलाना और कमजोरी
-पेट दर्द और दस्त लगना
-हाथ-पैर में झनझनाहट या अकड़न
-सांस लेने में दिक्कत होना
-घाव से खून बहना या स्किन का काला पड़ना
-शरीर का सुन्न पड़ना
जिले में सभी सीएचसी, पीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। पिछले साल स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने वाली सर्पदंश के मरीजों में केवल एक ही मौत हुई है। इसलिए, बिना देरी किए सांप के काटने पर मरीज को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे।
-डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
बिजनौर में पाए जाने वाले सांप। स्रोत वन विभाग