देहरादून से हल्द्वानी जा रहा पवन हंस कंपनी का हेलीकॉप्टर रेड सिग्नल होने के चलते गांव मीरापुर के एक खेत में इमरजेंसी उतारना पड़ा था। वहीं खेत में अचानक हेलीकॉप्टर उतरने से गांव के लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। चार दिन बाद हेलीकॉप्टर सही होने के बाद उउ़ान भर सका।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में अफजलगढ़ देहरादून से हल्द्वानी जा रहा हेलीकॉप्टर एमरजेंसी लैडिंग के चार दिन बाद अपने गन्तव्य को रवाना हो पाया। हेलीकाॅप्टर में दो पायलेट सहित तीन लोग सवार थे। सोमवार को निजी पवन हंस कम्पनी का देहरादून से हल्द्वानी जा रहा एक हेलीकाॅप्टर गुरुवार को लैडिंग के चार दिन बाद रवाना हो सका।
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हेलिकॉप्टर सोमवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे देहरादून से हल्द्वानी जा रहा था। क्षेत्र के गांव मीरापुर मोदीवाला के समीप पहुंचने पर अचानक हेलीकाॅप्टर में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी जिसके चलते रेड सिंगनल होने के कारण हेलीकाॅप्टर को एक खाली पड़े खेत में लैडिंग करना पड़ा था।
हेलीकाॅप्टर में पायलेट कैप्टन राजकुमार यादव व उनके साथ सह पायलट कैप्टन रत्नेश सिंह सहित देहरादून के ब्यूरो ऑफ सिविल डिफेंस के डायरेक्ट यात्री अरूण कुमार मौजूद थे। यह तीनों लोग हेलीकॉप्टर से देहरादून से हल्द्वानी जा रहे थे। पायलेट राजकुमार यादव ने बताया कि रेड सिगनल मिलने के कारण इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी।घटना में दोनो पायलेट सहित यात्री अरूण कुमार सकुशल रहे थे। अरूण कुमार अगले दिन अपने गन्तव्य को चले गये थे।
हेलीकाॅप्टर में खराबी होने के चलते दोनो पायलेट यहीं रूके थे। दिल्ली से इंजिनीयर व पार्टस पहुंचने के बाद चौथे दिन हेलीकाॅप्टर में आई तकनिकी खराबी दूर हो सकी। तकनिकी खराबी दूर होने के बाद हेलीकाॅप्टर ने वापस देहरादून के लिए उड़ान भरी। इस दौरान हेलीकाॅप्टर की सुरक्षा के लिए मौजूद पुलिस ने हेलीकांप्टर के उड़ान भरने पर राहत की सांस ली।