ऐतिहासिक स्थल और कारीगरी के नमूने देख उद्यमियों को ऑर्डर देंगे कारोबारी
बिजनौर। गंगा बैराज पर विदेशी पर्यटकों को लुभाने और कारोबार को बढ़ाने के लिए जिले के उद्यमी नई पहल करने जा रहे हैं। उद्यमी गंगा बैराज पर पर्यटन केंद्र बनाने जा रहे हैं। यहां पर जिले की धार्मिक धरोहरों की झांकी बनाई जाएंगी। इसके अलावा कारोबारियों के स्टॉल भी यहां लगाए जाएंगे। विदेशों से आने वाले उद्यमी व बड़े कारोबारियों को यहां ठहराया जाएगा। यहीं पर कारोबारियों से ऑर्डर लिए जाएंगे और विदेशों को माल भिजवाया जाएगा।
जिले का काष्ठकला उद्योग व ब्रश उद्योग विश्व भर में प्रसिद्ध है। यहां का अरबों रुपये का माल विदेशों को जाता है। लेकिन कोरोना के बाद से स्थिति बदली हुई है। सामान खरीदने के लिए निर्यातकों व विदेशियों को किसी तरह मनाया जा रहा है। जिले में काष्ठकला उद्योग नगीना में है, ब्रश उद्योग शेरकोट में और कपड़े का काम नहटौर में होता है। अगर कोई बड़ा निर्यातक या खरीदार जिले में आए तो एक दिन में इन सभी जगह पर नहीं घूम सकता है। साथ ही जिले में बड़े कारोबारियों को ठहराने के लिए भी कोई खास इंतजाम नहीं है।
इसके लिए जिले के उद्यमी गंगा बैराज के पास पर्यटन केंद्र को विकसित करने की योजना बना रहे हैं। उद्यमी खुद ही जमीन खरीदेंगे। जमीन में कारोबारियों को ठहराने के लिए रिसॉर्ट बनाया जाएगा। इसके अलावा यहां पर विदुर कुटी, कण्व ऋषि आश्रम, नजीबुद्दौला का किला, सुल्ताना डाकू का किला आदि धार्मिक व एतिहासिक महत्व के भवनों की झांकी भी बनाई जाएगी। कारोबारियों को इनके बारे में बताया जाएगा। कारोबारियों के गंगा किनारे सैर की भी सुविधा रहेगी। इससे कारोबारियों को पूरे जिले में नहीं घूमना पड़ेगा और एक ही जगह पर उनकी सभी जरूरत पूरी हो जाएंगी।
कारोबारियों को लुुभाने की कोशिश
जिले में केवल गंगा बैराज पर पर्यटन केंद्र बनने से कारोबारियों को न जिले में आना होगा और न ही वे कहीं जाम में फंसेंगे। अब तक खुद उद्यमी भी नहीं चाहते थे कि बड़े कारोबारी उनके यहां आएं, लेकिन नई व्यवस्था में वे ज्यादा से ज्यादा कारोबारियों को बुलाने की कोशिश करेंगे।
देखी जा रही है जमीन
उद्यमी मनी खन्ना के अनुसार कारोबारियों को जिले में एक ही जगह पर पूरे जिले के कारीगरी के नमूने और ऐतिहासिक स्थल दिखाने की योजना है। इसके लिए गंगा बैराज के पास जमीन देखी जा रही है।