मालदेवता मंदिर को लेकर जारी विवाद में पंचदशनाम जूना अखाड़ा के साधु-संतों ने कलक्ट्रेट में तलवार लहराते हुए हंगामे के साथ प्रदर्शन किया। गेट बंद कर अफसरों को खूब खरी खोटी सुनाई। साध्वी महंत गंगानंद सरस्वती को तलवार लहराते हुए देख अफसरों के होश उड़ गए और डीएम पिछले गेट से बाहर निकल गए।
एसडीएम से नोकझोंक।
- फोटो : अमर उजाला
गढ़ी बगीची के ग्रामीणों और साधुओं के बीच अगस्त से विवाद चल रहा है। मंगलवार को सुबह एक बस में सवार होकर श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के 57 साधु-संतों कलक्ट्रेट पहुंचे। इनका नेतृत्व महंत सुरेशानंद सरस्वती और साध्वी महंत गंगानंद सरस्वती ने किया। जोरदार हंगामा करते हुए कलक्ट्रेट का गेट बंद कर दिया। तलवार लहराते हुए तीखे शब्दबाण चला रही साध्वी के तेवर देख कोई अफसर सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
कलक्ट्रेट के गेट पर उमड़े साधु-संत।
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एसडीएम की गाड़ी कलक्ट्रेट में दाखिल हुई तो साध्वी ने तलवार निकाल ली। गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया। साध्वी ने गुस्साए लहजे में डीएम कार्यालय के बाहर हंगामा किया। एडीएम और एसडीएम वार्ता करने पहुंचे तो उन्हें कठोर और तीखे शब्द झेलने पड़े।
कलक्ट्रेट में तलवार लहराती साध्वी।
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साध्वी का आरोप था कि उन्हें प्रशासन से हमसाज करके माल देवता मंदिर से जबरन निकाला गया है। गाड़ी में डालकर उन्हें जंगल में छोड़ा गया। मंदिर में संचालित गोशाला से उनकी गायों को बेच दिया गया। घंटों तक यह हंगामा चला। कलक्ट्रेट के बाद शाम को संतों के काफिले ने गढ़ी बगीची के मंदिर की तरफ कूच कर दिया।
उधर, गांव वाले संतों के विरोध में उतर आए, जिन्होंने मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते पर ट्रैक्टर-ट्राली लगा दी। गांव की ओर से रवाना हुए संतों का ग्रामीणों ने रास्ता रोक लिया। टकराव की स्थिति बनती देख एएसपी सिटी संजीव वाजपेयी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत किया।