ये है पूरा मामला
बता दें कि बिजनौर में मालदेवता का एक मंदिर है। उक्त मंदिर में जूना अखाड़े के संत रहा करते थे। तीन महीने पहले गांव वालों ने शिकायत करते हुए साधु संतों पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं इसके बाद कुछ लोग उन्हें गाड़ी में बैठा कर हरिद्वार की तरफ भी छोड़ आए थे।
इस मामले में साधु संतों की ओर से गांव वालों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई। उस वक्त प्रशासन ने तीन महीने का वक्त दिया था।