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साड़ी को महिलाओं के लिए राष्ट्रीय परिधान घोषित करे सरकार

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बिजनौर में अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने जाती महिलाएं। - फोटो : BIJNOR
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साड़ी को राष्ट्रीय परिधान घोषित करने की मांग
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बिजनौर/नजीबाबाद। अखिल भारतीय राष्ट्रीय स्नातक संघ ने साड़ी को राष्ट्रीय परिधान घोषित करने की मांग की है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।
बिजनौर में डीएम उमेश मिश्रा को दिए ज्ञापन में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शोभा शर्मा ने बताया कि संघ की नोएडा महानगर उपाध्यक्ष अनीता चौधरी अपनी पुत्री का जन्मदिन मनाने के लिए दिल्ली के खेलगांव स्थित एक रेस्टोरेंट में गईं थीं। अनीता चौधरी ने साड़ी पहनी थी। प्रवेश द्वार पर उनको यह कहकर रोक दिया गया कि साड़ी कैजुअल वियर नहीं है। कहा कि यह भारतीय संस्कृति, परिधान और महिलाओं के आत्मसम्मान पर आघात है। साड़ी सनातन संस्कृति की पहचान रही है। होटल स्टाफ से लिखित रूप में माफी मांगने व ऐसा न होने पर महिलाओं द्वारा आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस दौरान प्रीतिका राठी, दीपा शर्मा, नीता सिंह, उषा शर्मा, रानी कौशिक, गीता, डिंपल सिंह, प्रेमा श्रीवास्तव, राजो देवी, भारती सिंह आदि मौजूद रहे।
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नजीबाबाद में संघ की नगराध्यक्ष शैली शर्मा के नेतृत्व में महिलाओं ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने देश के प्रत्येक होटल, एयरलाइंस, सरकारी दफ्तरों, विद्यालयों के स्टॉफ में महिलाओं को सप्ताह में तीन दिन साड़ी पहनना अनिवार्य करने और देश की सांस्कृतिक को संरक्षित रखने के लिए साड़ी परिधान को साड़ी दिवस के रूप में घोषित करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में सुरेखा राजपूत, रश्मि राजपूत, ज्योति, अलका, रीमा अग्रवाल, रोहिणी सैनी, परवेंद्र सिंह, पुनीत गोयल आदि मौजूद रहे।
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