गुलदार के मारने के मामले में कार्रवाई पर भाकियू करेगी आंदोलन
नूरपुर(बिजनौर)। भारतीय किसान यूनियन की बैठक में नजीबाबाद में गुलदार के मारे जाने पर वन विभाग की ओर से केस दर्ज कराने की निंदा कर वापस लेने की मांग की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसानों ने आत्मरक्षा में गुलदार को मारा है और आत्मरक्षा करना सभी का हक है। चेताया कि किसानों के विरुद्घ कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई तो भाकियू आंदोलन करेगी।
बृहस्पतिवार को गन्ना समिति परिसर में हुई मासिक बैठक को संबोधित करते हुए भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा कि नजीबाबाद क्षेत्र में गुलदार ने छह लोगों की जान ले ली है। उसके भय से किसान अपने खेतों में काम करने नही जा रहे थे। किसानों ने गुलदार को आत्मरक्षा में मारा है। प्रशासन की ओर से किसानों पर कानूनी कार्रवाई किए जाने पर भाकियू चुप नही बैठेगी। किसानों ने क्रय केंद्रों पर हो रही घटतौली का मुद्दा उठाया। गन्ना अधिकारियों से केंद्रों पर घटतौली बंद कराने की मांग की। इसके अलावा मिलों से गन्ने का भुगतान शासनादेश के अनुसार कराए जाने, नलकूपों के बिल के लिए ओटीएस योजना लाए जाने की मांग की गई। अंत में प्रयागराज में होने वाले भाकियू के वार्षिक शिविर में अधिक संख्या में किसानों से पहुंचने का आह्वान किया गया। विक्रम सिंह के संचालन में हुई बैठक में उत्तम सिंह, जयपाल सिंह, राजवीर सिंह, राकेश, ओमप्रकाश सुरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
गुलदार की हत्या मामले में केस वापस लेने की मांग
अफजलगढ़ (बिजनौर)। भाकियू की मासिक पंचायत में नजीबाबाद में छात्र पर हमला करने वाले गुलदार को मारने के मामले में ग्रामीणों पर दर्ज केस को वापस लेने की मांग उठाई।
बृहस्पतिवार को गांव मीरपुर घासी में मुख्तियार सिंह के आवास पर आयोजित बैठक में किसानों ने भोगपुर में ग्रामीणों के हाथों मारे गए गुलदार के मामले में दर्ज मुकदमों की आलोचना की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए केस दर्ज कराए हैं। इसके अलावा बैठक में गन्ना मूल्य का भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई। बैठक की अध्यक्षता चौधरी बलजीत सिंह व संचालन राणा सिंह ने किया। बैठक में विरसा सिंह, सुखदेव सिंह, देवेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, गुरमीत सिंह व अजीत सिंह ने विचार व्यक्त किए।