32 डिग्री से अधिक नहीं होना चाहिए तापमान
धान की फसल के लिए पकते समय तापमान दिन में 30 से 32 और रात को 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच होना चाहिए। लेकिन तापमान इससे कहीं अधिक है। दिन में पारा 35 डिग्री तक जा रहा है तो रात में भी तापमान बढ़ा हुआ चल रहा है। केवल रात 12 बजे से सुबह छह सात बजे तक ही थोड़ा तापमान सही रहता है।
इस समय धान से बाली निकल रही है। अगर तापमान ज्यादा हो तो पूरी बाली नहीं निकल पाती है। बाली निकलने के बाद उसमे दूध पड़ता है जो बाद में चावल का दाना बनता है। तापमान अधिक होने से सभी दानों में दूध नहीं पड़ पाता है।
अगर एक बाली में 50 दाने हैं तो पांच से दस दानों में दूध नहीं पड़ता है। वैसे तो सभी प्रजातियों में फसल प्रभावित होती है लेकिन सबसे अधिक प्रभाव बासमती की फसल पर ही पड़ता है। गर्मी में बासमती में खुशबू नहीं आती है या कम आती है। बासमती की अहमियत इसकी खुशबू से ही होती है। खुशबू कम होगी तो कीमत भी कम ही मिलेगी।
धान रकबा
मोटा धान 18105
बासमती धान 32113
संकर धान 7467
नोट:रकबा हेक्टेअर में है।
गर्मी से होगा ज्यादा नुकसान
कृषि वैज्ञानिक डॉ. केके सिंह के अनुुुसार मौसम में गर्मी बनी हुई है। इससे धान की फसल का उत्पादन कम हो सकता है। अधिक तापमान का बासमती धान की खुशबू पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एक दो दिन में यदि बारिश हो जाती है तो तापमान में गिरावट आ सकती है।