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सॉल्वर गैंग के सदस्यों की जमानत याचिका निरस्त

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सॉल्वर गैंग के सदस्यों की जमानत याचिका निरस्त
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बिजनौर। स्पेशल जज ईसी एक्ट हनी गोयल ने पीजीटी परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर गैंग के दो आरोपियों सोनू व मंजीत की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। ये दोनों किसी और के नाम पर परीक्षा देने आए थे।
शासकीय अधिवक्ता क्षितिज अग्रवाल के अनुसार 17 अगस्त को पीजीटी की परीक्षा थी। प्रथम पाली साढ़े नौ से साढ़े 11 के मध्य में समाज शास्त्र के पेपर में अनमोल पुत्र दिनेश के नाम से परीक्षा में शामिल होने एक व्यक्ति राजकीय इंटर कॉलेज बिजनौर पर आया। अनमोल की सीट गेट के पास स्थित कक्ष में थी। उक्त परीक्षार्थी द्वारा बार बार गेट बंद किया जा रहा था। परीक्षा प्रारंभ होने के तुरंत बाद नौ बजकर 36 मिनट पर परीक्षार्थी की गतिविधि संदिग्ध होने पर कक्ष निरीक्षक विकास देसाई व सिदरा सगीर ने उसकी तलाशी ली। तलाशी में उसके पास मोबाइल और चिप सेट बरामद हुआ जो उसने अपने अंडर वियर में डबल टेप लगाकर छिपाया था। अनुचित सामग्री लाने के आधार पर सोनू नामक उक्त युवक को पकड़कर सेंटर इंचार्ज को सौंप दिया गया। सोनू अनमोल सिंह के स्थान पर परीक्षा देने आया था।
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इसी प्रकार मंजीत नाम का युवक केपीएस कन्या इंटर कॉलेज बिजनौर में प्रथम पाली में एक संदिग्ध व्यक्ति परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार से प्रवेश कर पहचान पत्र के निरीक्षण हेतु अरुण कुमार गर्ग के सामने पेश हुआ। संदिग्ध पाए जाने पर गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा पूछताछ की गई। उसके पास हिमांशु कुमार के नाम का प्रवेश पत्र था जिसके प्रवेश पत्र के फोटो से उसका मिलान नहीं हो रहा था। मंजीत ने बताया कि वह हरियाणा के जिंद का रहने वाला है। उसके पास से एक इलेक्ट्रानिक डिवाइस मिली थी। उसके पास हिमांशु कुमार का प्रवेश पत्र था। वह हिमांशु की जगह परीक्षा देने आया था। कोर्ट ने पाया कि मंजीत व सोनू आपस में रिश्तेदार हैं और सॉल्वर गैंग के सदस्य हैं। उनके पास से मोबाइल व इलेक्ट्रानिक उपकरण बरामद हुए। उनका अपराध अत्यंत गंभीर श्रेणी का अपराध है। ऐसे लोगों की वजह से अक्षम छात्र परीक्षा में सफल हो जाते हैं। कोर्ट ने मंजीत व सोनू दोनों की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
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