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बढ़ापुर में ई-टेंडिरिंग से नहीं हुआ कोई काम

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बढ़ापुर में ई-टेंडिरिंग से नहीं हुआ कोई काम
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बिजनौर। बढ़ापुर नगर पंचायत में पिछले तीन वर्षों में एक भी कार्य ई-टेंडरिंग नहीं हुई है और सामान की खरीद जैम पोर्टल से नहीं की गई है। इस मामले की शिकायत नगर पंचायत बढ़ापुर के पूर्व चेयरमैन ने जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की है।
मंगलवार को नगर पंचायत बढ़ापुर के पूर्व चेयरमैन शराफत हुसैन ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि नगर पंचायत बढ़ापुर की ओर से ई-टेंडरिंग नहीं कराई गई है और न ही सामान नियमानुसार जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदा गया है। आरोप है मैन्युअल प्रक्रिया के लिए टेंडर भी दो ऐसे अखबारों में निकलवाए गए हैं जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है। ऐसे में जनता के पैसे की बंदरबांट की गई है। शराफत हुसैन के अनुसार भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सामग्री का क्रय जैम पोर्टल से किया जाना चाहिए। इसके बावजूद अधिशासी अधिकारी बढ़ापुर ने शासनादेशों को दरकिनार करते हुए सरकारी धन का निजी लाभ लेने के उद्देश्य से नगर पंचायत बढ़ापुर को नौ जुलाई 2018 को 140 वाट एलईडी, 90 वाट का मूल्य 11 हजार रुपये दर्शाया है। नगर में एलईडी लाइट 45 वाट की खरीदारी के लिए ई-टेंडर पर निविदाएं निकाली गईं। नगर पंचायत द्वारा जारी पत्र के अनुसार एक नगर एलईडी लाइट 45 वाट का मूल्य 8700 रुपये व 4940 प्रति निर्धारित किया गया है। जिससे यह प्रतीत होता है कि नगर पंचायत बढ़ापुर निजी धन कमाने के उद्देश्य से निर्धारित रेट से ज्यादा मूल्यों पर खरीदारी की जा रही है। नगर पंचायत में ई-टेंडरिंग के अंतर्गत कुल सात निविदाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें से चार निविदाएं निरस्त की जा चुकी हैं। शेष तीन निविदाएं स्वीकार की गई हैं। शराफत हुसैन ने बताया कि इससे पूर्व की निरस्त की गई निविदाओं में कागजात पूरे न होना बताया गया है। आरोप है कि अपने चहेते ठेकदारों को टेंडर देने के लिए राधा रानी प्रोफेसर अभिषेक ट्रेडर्स निवासी मोहल्ला खत्रियान को टेक्निकल कमी बताकर निरस्त कर दिया गया है।
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नगर पंचायत बढ़ापुर के चेयरमैन मोहम्मद आबिद ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि पूर्व चेयरमैन शराफत हुसैन राजनीति से प्रेरित होकर उन पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। जहां तक सवाल है ई-टेंडरिंग का तो बिना ई-टेंडरिंग के ऐसे काम कराए गए हैं, जो ई-टेंडरिंग की श्रेणी में नहीं आते।
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