भुगतान में पिछड़ी बिलाई, नजीबाबाद चीनी मिल
बिजनौर। नजीबाबाद और बिलाई मिल से जुड़े किसानों को चालू पेराई सत्र के भुगतान के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। दोनों मिलों पर पिछले पेराई सत्र का 125 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। इसके अलावा बिना ब्याज का भुगतान किए ही चीनी मिलों ने चालू पेराई सत्र का भुगतान शुरू कर दिया है। किसान बैंकों से लिए गए कर्जे और बिजली बिल जमा होने में विलंब पर ब्याज देते हैं, लेकिन किसानों को चीनी मिलों पर बनने वाले ब्याज की फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है।
कई चीनी मिलों ने चालू पेराई सत्र का भुगतान भी शुरू कर दिया है, लेकिन किसी भी मिल ने पिछले साल के विलंब भुगतान का ब्याज किसानों को नहीं दिया है। नियम के अनुसार किसानों को गन्ना भुगतान 14 दिन के अंदर न देने पर मिलों के ब्याज देने का प्रावधान है। जिले की चीनी मिलों पर 47 करोड़ से अधिक का ब्याज बनता है। किसी भी मिल ने ब्याज का भुगतान नहीं किया है, जबकि किसान ब्याज के भुगतान का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं। इसके अलावा जिले की दो चीनी मिलों बजाज ग्रुप की बिलाई और सहकारी क्षेत्र की नजीबाबाद चीनी मिल ने पिछले साल का गन्ना भुगतान अब तक नहीं किया है। इन चीनी मिलों ने वर्तमान पेराई सत्र का भी भुगतान नहीं किया है। पिछले साल का भुगतान खत्म होने पर ही चालू पेराई सत्र का भुगतान किया जाएगा। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार के अनुसार विलंब भुगतान पर ब्याज की मांग वे लगातार उठा रहे हैं। किसानों को विलंब भुगतान पर ब्याज मिलना चाहिए।
चीनी मिल बकाया ब्याज
धामपुर 00 3.62
स्योहारा 00 7.36
बिलाई 100.97 14.41
बहादरपुर 00 1.93
बरकातपुर 00 5.75
बुंदकी 00 2.22
चांदपुर 00 3.32
बिजनौर 00 5.78
नजीबाबाद 28.96 2.79
कुल 129.94 47.24
नोट : बकाया और ब्याज करोड़ में है।