बिजनौर: नजीबाबाद के प्रेमधाम आश्रम पहुंचकर बिछुड़े आजम को गले से लगाया परिजनों ने। बरेली के लिए ख
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नौ वर्ष बाद परिजनों को सौंपा आजम
नजीबाबाद (बिजनौर)। चाइल्ड लाइन बिजनौर और प्रेमधाम आश्रम ने नौ वर्ष पूर्व घर से नाराज होकर निकले 17 वर्षीय आजम को उसके माता-पिता से मिलवा दिया। आश्रम पहुंचकर मां ने लाडले आजम को गले से लगा लिया। खुशी से माता-पिता की आंखें नम हो गईं।
प्रेमधाम आश्रम में वर्ष 2016 में लावारिस किशोर के रूप में आजम ने शरण ली थी। आश्रम के संचालक फादर शिबू थॉमस और फादर बेनी तकेकरा को किशोर ने स्वयं को बिहार का रहने वाला बताया था। उसने माता-पिता के बारे में अधिक जानकारी न देकर उनसे परिजनों से बिछुड़ने और घर का पता मालूम न होने की बात कही थी। आजम प्रेमधाम आश्रम के बेसहारा और दिव्यांगों के साथ चार वर्षों में घुल-मिल गया था। आश्रम के दिव्यांगों की सेवा के साथ उसने मोमबत्ती, सजावटी वस्तुएं बनाने सहित कई हुनर सीखे। प्रेमधाम आश्रम से जुड़ी चाइड लाइन बिजनौर के मंगेश कुमार, जय कुमार, आकाश दीप ने किशोर आजम की कई दिन तक काउंसिलिंग कर उससे पढ़ाई के लिए परिजनों द्वारा दबाव बनाने पर 2011 में नाराज होकर घर से भागने का राज उगलवा लिया।
चाइड लाइन ने माता-पिता और गांव का पता मिलने पर परिजनों से प्रेमधाम संचालकों के माध्यम से संपर्क किया। बरेली जनपद के कस्बा शीशगढ़ की ग्राम पंचायत बीसलपुर के ग्राम प्रधान रेवाराम ने गांव के ही आजम के माता-पिता से संपर्क कराया। नौ वर्ष से लाडले की तलाश में दर-दर भटक रहे आजम के पिता मो. रब्बानी और माता शबनम गांव के पोथीराम गंगवार के साथ शनिवार को प्रेमधाम आश्रम पहुंचे। नौ वर्ष बाद आजम के सामने आते ही माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। आजम की आंखें भी नम हो गईं। मां ने लाडले को कुछ देर गले से लगा लिया। परिजनों ने आश्रम संचालक फादर शिबू थॉमस, फादर बेनी तकेकरा, चाइड लाइन के आकाश दीप, मंगेश कुमार, जय कुमार, राजीव शर्मा और आश्रम की सिस्टर सुशीला का नए साल के तोहफे में नौ वर्ष बाद उसका पुत्र सौंपने के लिए आभार जताया।
बिजनौर: नजीबाबाद - मो.आजम। बरेली के लिए खास- फोटो : NAZIBABAD