नजीबाबाद के जोगीरम्पुरी में मजलिस में बोलते उलमा।
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आखिरी नबी की बेटी फातेमा की सीरत की बयां
नजीबाबाद। जोगीरम्पुरी दरगाह पर अय्यामे फातेमा मजलिस के दौरान उलमा ने आखिरी नबी की बेटी फातेमा की सीरत बयां की। दरगाह परिसर में अय्यामे फातेमा की चार रोजा मजलिसों का आगाज हुआ।
दरगाह-ए-आलिया नजफ-ए-हिंद जोगीरम्पुरी में अय्यामे फातिमा की चार रोजा मजलिसें शुरू हुईं। मजलिस को खिताब करते हुए शिया उलमा मौलाना कसीम अब्बास ने कहा कि आखिरी नबी की बेटी की शहादत के दिन अय्यामे फातेमा के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने फातेमा की सीरत बयां करते हुए महिलाओं से उनकी सीरत से सबक लेने और उनके नक्शेकदम पर चलने की सलाह दी। मौलाना सैय्यद तकी रजा, मौलाना हबीब हैदर और मौलाना मो.मशराकैन ने भी मजलिस को खिताब करते हुए अय्यामे फातेमा पर रोशनी डाली।
मजलिस में मौलाना आबिद मेहंदी, मौलाना अली गाजी, सलमान हैदर, सिकंदर अब्बास, अली अब्बास, हुसैन मेहंदी, मौलाना इरफान हैदर, मौलाना अमीर हैदर मौजूद रहे।