बिजनौर। यूं तो आकिब सऊदी अरब में रहता है मगर उसने पाकिस्तानी हैंडलरों की मंशा पर बिजनौर में भी स्लीपर मॉडयूल खड़ा कर दिया। अब देशी विरोधी साजिश की परतें उखड़ता देख आकिब ने बिजनौर के उवैद को दो पाकिस्तानी हैंडलरों के नंबर बात करने के लिए दिए। जिनसे बात करने के बाद उवैद नेपाल भागने की फिराक में था, ताकि नेपाल के रास्ते सऊदी अरब पहुंच सके।
पिछले दिनों एटीएस ने चार संदिग्धों को पकड़ने के बाद आतंकी गतिविधियों का खुलासा किया। एटीएस की जांच में आकिब नाम सामने आया। साथ ही वायरल होने वाले वीडियो का भी एटीएस ने जिक्र किया, जिसके संबंध में 23 नवंबर को नांगल थाना में केस दर्ज किया गया था। इसमें एके 47 और हैंडग्रेनेड दिखाई देने पर तत्कालीन थानाध्यक्ष सत्येंद्र मलिक ने वीडियो कॉल पर आकिब से बात करने के बाद इसे खिलौना बताते हुए आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। बाद में एटीएस के खुलासे के बाद सत्येंद्र मलिक को निलंबित और सीओ नजीबाबाद नितेश प्रताप को हटा दिया गया था। साथ ही उक्त जांच को फिर से खोला गया। नजीबाबाद थाना प्रभारी अमित कुमार ने नांगल पुलिस के सहयोग से फिर से विवेचना की। सामने आया कि उक्त वीडियो में आकिब और मैजुल के साथ साथ सऊदी में रहने वाला आजाद निवासी इनामपुरा और उवैद भी जुड़े थे।
अब पुलिस ने उवैद और जलाल हैदर उर्फ समीर को पकड़ लिया। इनसे पूछताछ के बाद सामने आया कि मामला खुलने के बाद उवैद ने आजाद से संपर्क साधा। आजाद ने नेपाल चले जाने की सलाह दी, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके। साथ ही आकिब ने दो पाकिस्तानी हैंडलरों के नंबर दिए थे, जिनसे उवैद ने बात की। उवैद ने पाकिस्तानी हैंडलरों से कहा था कि नेपाल से सऊदी तक जाने की व्यवस्था करा देना।
इनकी गिरफ्तारी होना बाकी
समीर उर्फ रुहान निवासी निकट सुल्ताना डाकू का किला नजीबाबाद, मैजुल निवासी सौफतपुर थाना नांगल, आकिब निवासी सठला मेरठ, आजाद निवासी इनामपुरा थाना मंडावर की गिरफ्तारी होना बाकी है। हालांकि मैजुल, आकिब और आजाद विदेश में रहते हैं, जिनका लुक आउट नोटिस जारी किया गया है।