बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान डीएम ने चार नेताओं को कार्यालय में बुलाने पर कार्यकर्ता भड़क गए और जमकर हंगामा किया।
पुलिस से धक्कामुक्की करके डीएम कार्यालय के अंदर घुसने की कोशिश की। बाद में डीएम कार्यालय से उठकर आए और ज्ञापन लेकर किसानों से बात की।
भाकियू कार्यकर्ता की सुबह गन्ना समिति कार्यालय में पंचायत हुई। जिसमें गन्ना मूल्य का एक मुश्त भुगतान करने पर किसानों के हो रहे शोषण को बंद कराने की मांग की गई। भुगतान न होने पर 25 फरवरी को जिले की सभी चीनी मिलों पर प्रदर्शन करके डिस्टलरी व शीरे में तालाबंदी करने की चेतावनी दी गई।
एक मार्च को कलक्ट्रेट में आंदोलन करने को भी कहा गया। स्योहारा के भाकियू नेता के पौत्र के कत्ल में कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी जताई गई। पंचायत के बाद प्रदर्शन करते हुए भाकियू कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे तथा डीएम कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
डीएम ने चार नेताओं को ज्ञापन देने और वार्ता करने के लिए कार्यालय के अंदर आने को कहा। इस बात पर किसान नेता भड़क गए तथा डीएम को बाहर बुलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में डीएम कार्यालय से उठकर किसानों के पास आए और बात सुनी। तब जाकर किसान शांत हुए।
ज्ञापन में बिजली के ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़वाकर जर्जर लाइनें बदलवाने, ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे बिजली दिलाने, नहरों में सिंचाई के लिए पानी चलवाने आदि की मांग की गई।
जिस पर डीएम ने आश्वासन दिया कि सभी मांगें जल्द पूरी की जाएंगी। मौके पर रामपाल सिंह, विजयपाल सिंह, जय सिंह, पृथ्वी सिंह, होशिशर सिंह, धीर सिंह बालियान, जिलाध्यक्ष रामौतार सिंह, दिगंबर सिंह आदि रहे।