जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में उत्पीड़न का आरोप
धामपुर। नेशनल हाइवे 74 के चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में भाकियू कार्यकर्ताओं ने लोगों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। एसडीएम धामपुर से शिकायत कर सबको नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है। हाइवे चौड़ीकरण की निर्माण कंपनी के अधिकारी को बुलाकर वार्ता कराई। इसके अलावा किसानों ने अघोषित बिजली कटौती भी बंद कराने की मांग की है।
शुक्रवार को भाकियू (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एसडीएम से मुलाकात की। एसडीएम ने तहसीलदार रमेशचंद्र सिंह चौहान, निर्माण कंपनी पीएनसी के अधिकारी पीएस पांडेय को बुलाया। किसानों ने निर्माण कंपनी पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि हाईवे 74 चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहण की जा रही भूमि का मुआवजा वितरण का पैमाना क्या है। क्योंकि किसी किसान को अधिक मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि किसी को कम। किसान की जमीन का मुआवजा सर्किल के हिसाब से मिलना चाहिए। जिन लोगों के मकान मार्ग की जद में आ रहे हैं और वह दादइलाही संपत्ति हैं तो उन्हें भी मुआवजा मिलना चाहिए।
वहीं, कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को बताया कि देहात क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठीक नहीं है। यदि सुुुधार नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। इसके अलावा निजी स्कूल संचालकों द्वारा छात्र छात्राओं और अभिभावकों पर फीस जमा कराने का दबाव बनाकर परेशान करने पर भी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान भाकियू ब्लाक अध्यक्ष दुष्यंत राणा भी मौजूद रहे।