कृषि फीडरों को बगैर रोस्टिंग मिलेगी दस घंटे बिजली
धामपुर। विद्युत निगम की ओर से अब किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए कृषि फीडरों पर बगैर रोस्टिंग के दस घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिलेगी। किसानों को दस घंटे में ही अपनी फसलों की सिंचाई करनी होगी। जिस क्षेत्र में मिक्स फीडर (घरेलू और कृषि) हैं, उस क्षेत्र के किसानों को अभी 18 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है।
धामपुर वितरण खंड द्वितीय के एक्सईएन अरुण कुमार ने बुधवार को बताया कि किसानों की ओर से 20 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की जा रही है, जो अनुचित है। अब सरकार की ओर से घरेलू और खेती के लिए अलग-अलग फीडरों की स्थापना कर दी है। कृषि फीडरों से केवल खेतों की सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति होगी। जबकि सामान्य फीडरों से घरेलू और अन्य मद की बिजली आपूर्ति किए जाने का प्रावधान है। उनके क्षेत्र में 375 गांवों में 5700 किसानों के पास निजी नलकूपों के कनेक्शन हैं। 4200 से ज्यादा किसानों के निजी नलकूपों को निगम की ओर से कृषि फीडरों के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है। दस बिजलीघरों पर 65 फीडर हैं, इनमें से 15 कृषि फीडर हैं, जबकि बाकी 50 मिक्स फीडर हैं। मिक्स फीडरों के किसानों को रोस्टिंग के साथ 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। कृषि फीडरों से किसानों को बगैर रोस्टिंग के दस घंटे बिजली दी जा रही है।
शेड्यूल के हिसाब से दी जाए बिजली : राजेंद्र सिंह
भाकियू तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि उन्हें इससे कोई मतलब नहीं है कि कौन सा कृषि और कौन सा मिक्स फीडर है। सरकार के देहात में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश हैं। किसानों को शेड्यूल के मुताबिक बिजली मिलनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो आंदोलन किया जाएगा।