जिपं अध्यक्ष चुनाव के बाद सपा में रार शुरू
बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के बाद सपा में रार शुरू हो गई है। बिजनौर नगर पालिका की चेयरपर्सन के पति व सपा नेता शमशाद अंसारी ने सपा हाईकमान को भेजी रिपोर्ट में उन पर लगाए आरोप का गलत बताया है। कहा कि वे भी पूरे प्रकरण की असलियत हाईकमान के सामने रखेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा प्रत्याशी चरणजीत कौर की हार के बाद सपा के जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भीतरघात करने वालों की रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में उन्होंने एक पूर्व विधायक पर भीतरघात के साथ मुखबिरी करने का आरोप लगाया था। कहा कि वह पूर्व विधायक अगला विधानसभा का चुनाव बसपा के टिकट पर लगने की तैयारी कर रही हैं। उनका मकसद था कि अगर सपा पंचायत का चुनाव जीत गई तो सपा का वर्चस्व हो जाएगा और बसपा खत्म हो जाएगी। बसपा नेताओं ने भी खूब मुखालफत की। आरोप लगाया कि सपा नेता शमशाद अंसारी ने अपनी बिरादरी के वोट भाजपा प्रत्याशी को दिलाए। शमशाद अंसारी भाजपा विधायक के पति के इशारों पर अपनी पत्नी की नगर पालिका की चेयरमैनी चलवा रहे हैं।
उधर, शमशाद अंसारी ने सोमवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि 2017 में सपा के जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन ने उन्हें पर्यवेक्षक संजय लाठर के सामने नौसखिया कहकर मनोबल तोड़ा था। इसके बाद भी पत्नी को टिकट मिला व जीत गईं। राशिद हुसैन बिजनौर नगर पालिका से अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाना चाहते थे। आरोप लगाया कि जिला पंचायत चुनाव से पहले उन्हें पार्टी की किसी बैठक में नहीं बुलाया गया। मतदान से पहले उन्हें प्रभारी बनाया गया। उन्होंने सपा के नेताओं को मेहनत के साथ चुनाव लड़ाया।
राशिद हुसैन ने चरणजीत कौर को प्रत्याशी बनवाया। उनसे कोई राय नहीं ली गई। राशिद ने रिपोर्ट में कहा कि अंसारी बिरादरी ने वोट नहीं दिया। जिले की विधानसभा में अंसारी बिरादरी का 40 प्रतिशत वोट है। राशिद हुसैन का एक बिरादरी पर इस तरह आरोप लगाना गलत है। सत्तापक्ष के नेताओं के इशारे पर चेयरमैनी चलाने के आरोप भी गलत है। विपक्षी दलों के मजबूत होने के बाद भी सपा जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ एक ब्लॉक प्रमुख का चुनाव नहीं जीत पाई। चुनाव में लापरवाही व उनके स्वार्थ फैसलों की शिकायत वे हाईकमान से करेंगे।