बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कमलदीप ने एक युवती का अपहरण कर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने में सुरेश कुमार उर्फ सुरेंद्र को दोषी पाया है। जिसे दस साल के कारावास और 85 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकुल राठौर ने बताया कि थाना हीमपुर दीपा में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया कि सुरेश कुमार उर्फ सुरेंद्र पुत्र नथवा उसकी बेटी को बहला फुसलाकर ले गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पीड़िता को बरामद करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया था। विवेचना करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता को 16 अगस्त 2004 से 10 नवंबर 2004 तक दिल्ली और पंजाब में अलग-अलग जगह पर रखकर उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता की मर्जी के खिलाफ विवाह करने के लिए और जबरन अवैध शारीरिक संबंध बनाने के लिए विवश किया गया। साथ ही पीड़िता की सरकारी नौकरी लगवाने का विश्वास दिलाकर उसके माता-पिता से पांच हजार रुपये लेकर भी अपराध किया गया। अदालत ने तमाम साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर अभियुक्त सुरेश कुमार को दोषी पाया है। इस केस में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत अभियोजन पक्ष और पुलिस ने भी मजबूत तरीके से पैरवी की। दोषी पाते हुए अदालत ने अभियुक्त को दस साल के कारावास की सजा सुनाई है।