बीएसए ऑफिस में डटे रहे कस्तूरबा स्कूलों के अकाउंटेंट
बिजनौर। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में खाद्यान्न की खरीदारी में हुए घपले को लेकर जांच तेज हो गई है। शनिवार को दिनभर इन स्कूलों के अकाउंटेंट बीएसए कार्यालय में डटे रहे। वहीं, इस मामले को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में कुछ बड़े अफसर भी फंस सकते हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में फरवरी में मार्च के महीने में करीब 74 लाख रुपये के खाद्यान्न की खरीदारी के मामले में शासन स्तर से बीएसए से जवाब मांगा गया है। इसके बाद से ही शिक्षा अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार को दिनभर कस्तूरबा स्कूलों के अकाउंटेंट बीएसए कार्यालय पर डटे रहे। बताया जाता है कि छात्राओं की उपस्थिति का रिकॉर्ड सुलझाने और अन्य कई रिकॉर्ड को चुस्त दुरुस्त करने में शिक्षा विभाग के पसीने छूटे हुए हैं। विगत शिक्षा सत्र में कई महीनों तक स्कूलों में छुट्टी होने के बावजूद भी खाने के सामान की खरीदारी करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। हालांकि शिक्षा अधिकारी इस दौरान छात्राओं के उपस्थित होने का दावा कर रहे थे। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद के बीएसए का जवाब तलब करने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ी है।
टी-शर्ट की खरीदारी भी है चर्चा में
जिले में 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब 1300 बालिकाएं पंजीकृत बताई जा रही हैं। विगत वर्ष बालिकाओं के लिए खरीदी टी शर्ट भी चर्चा में है। टी शर्ट की क्वालिटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।